गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव दोनों की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है जो की भारतीय संस्कृति और धर्म में विशेष स्थान रखता है। प्रभु श्रीहरि (भगवान विष्णु) की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, जबकि बृहस्पति देव की आराधना से कुंडली केअशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है। इस दिन किए गए विशेष उपाय और मंत्रों का जाप भक्तों को कई प्रकार के लाभ प्रदान करता है। बृहस्पति को सबसे बड़ा गृह माना जाता है, ये देवताओं के गुरु कहे जाते हैं. माना जाता है कुंडली में गुरु बृहस्पति अगर मजबूत स्थिति में हों, तो तमाम समस्याएं दूर हो जाती हैं और हर बिगड़ा काम बन जाता है
ऐसी मान्यता है कि गुरुवार के दिन पीला रंग पहनने का विशेष महत्व है, अगर इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनकर भगवान की पूजा की जाएं तो साधक की हर मनोकामनां पूरी हो जाती हैं. गुरुवार के दिन लोग अपने गुरु की उपासना करते हैं. ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु और साईं बाबा का प्रिय रंग पीला है. विष्णु जी की पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल और पीली मिठाई का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है क्योंकि पीला रंग बृहस्पति ग्रह से जुड़ा है.पीला रंग संपन्नता और खुशी का भी प्रतीक है. हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य के लिए भी पीले रंग का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है शादी विवाह हो या कोई भी पूजा पीले रंग का इस्तेमाल करना शुभ होता है.
बृहस्पतिवार के महामंत्र:
ॐ नमोः नारायणाय॥
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
विष्णु गायत्री मंत्र:
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
मंगलम मंत्र:
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

भगवान की विष्णु की पूजा में कुछ खास नियम होते
गुरुवार को पूजा के लिए सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए. नित्यकर्म के बाद पीला वस्त्र पहनकर पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए. इसके बाद पूजा घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. भगवान विष्णु को पीले चंदन और हल्दी का टीका लगाएं। फिर पीले रंग के पुष्प और अक्षत चढ़ाएं. इसके बाद चना-गुड़ और मुनक्का चढ़ाकर विधि- विधान से पूजन शुरू करें. भगवान विष्णु की इस दिन कथा भी करनी चाहिए, औऱ अगर हो सके तो अन्य लोगों को भी सुनानी चाहिए।
इस दिन व्रत भी रखने से घर में सुख-शांति आती है.इसके साथ ही अगर किसी को व्रत रखने में कठिनाई हो शारिरिक क्षमता न हो तो वह विधि विधान से इस दिन पूजा भी कर सकता है पूजा करने से माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस के प्रभाव से घर की दरिद्रता दूर हो जाती है और सुख समृद्धि आती है.
हिंदू ग्रंथों में वर्णन है कि भगवान बृहस्पति भगवान विष्णु के अवतार हैं. गुरुवार को व्रत के दौरान श्रद्धालु पीली चीजों का दान कर सकते हैं. ऐसा करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. इसमें पीला वस्त्र, केसर, हल्दी, पीली दाल का दान करना शुभ माना गया है.
इसके साथ इस दिन कुछ विशेष बातों का भी परहेज रखना चाहिए

आइये जानते है क्या नियम है इसके-
कहते हैं गुरुवार के दिन बाल नहीं कटवाना चाहिए. माना जाता है आज के दिन बाल कटवाने से बृहस्पति देव नाराज हो जाते हैं.
मान्यता है कि गुरुवार के दिन साबुन-शैम्पू, तेल के प्रयोग नहीं करना चाहिए.
बृहस्पतिवार के दिन सिर धोने, बाल कटवाने, शेविंग करने और नाखून काटने की शास्त्रों में मनाही है. कहते हैं ऐसा करने से धन संबन्धी परेशानियां बढ़ती हैं और उन्नति बाधित होती है.
आज के दिन कई लोग पैसों के लेन-देन से बचते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से गुरु कमजोर होता है और आर्थिक संपनता चली जाती है.
मान्यता है कि गुरुवार के दिन घर की दैनिक साफ सफाई तो कर सकते हैं, लेकिन विशेष सफाई न करें. घर का कबाड़ बाहर न फेंकें और इसके अलावा भी गंदगी वाले किसी भी काम से इस दिन परहेज करें.
माना जाता है कि गुरुवार के दिन धोबी के पास कपड़े धुलने के लिए या प्रेस के लिए नहीं देना चाहिए. न ही घर पर उन कपड़ों को धोएं.
इसके साथ ही इस दिन नमक नही खाने की भी मान्यता है। मीठा खा कर आप व्रत कर सकते है ।
इन बातों का ख्याल रख कर आप भगवान विष्णु की विशेष कृपा पा सकते है।
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