जानिएं विघ्नहर्ता गणेश जी की आराधना से कैसे मिटती हैं जीवन की बा/धाएं?”

बुधवार को भगवान गणेश की पूजा का विधान है, भगवान गणेश के कई नाम है लेकिन जो सबसे ज्यादा पुकारा जाता है वो है विध्नहर्ता क्योंकि गणेश जी की कृपा से सारे विध्नों का नाश होता है। हिंदू धर्म में किसी भी पूजा-पाठ या धार्मिक कार्य में सबसे पहले गणेश जी को याद किया जाता है, इसलिए वह प्रथम पूज्य देव भी कहलाते हैं। इसके साथ ही गणेश जी को गजानन, एकदंत, लम्बोदर, विनायक, गणपति और विघ्नहर्ता आदि नामों से भी जाना जाता है। हर नाम के पीछे एक खास वजह भी मिलती है किसी भी पूजा पाठ की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा होती है जिससे पूजा सफल मानी जाती है। गणेश जी की पूजा से सारे मनोकामनाएं पूरी होती है।

 गणेश जी की पूजा से विघ्नों का नाश होता

जब हम किसी नए कार्य की शुरुआत करते हैं, तो सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की बा/धाएं न आएं और कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। यही कारण है कि गणेश जी की पूजा को शुभ माना जाता है और उन्हें विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है।

 विघ्नहर्ता का अर्थ:

विघ्न का अर्थ होता है –  बाधा, संकट, रुकावट
हर्ता का अर्थ होता है – जो नष्ट करने वाला हो जो सारे बाधाओं का अंत करता है।

इसलिए विघ्नहर्ता का अर्थ है – 

भगवान गणेश जी को इस नाम से पुकारा जाता है क्योंकि वे भक्तों के जीवन से विघ्न और बाधाओं को समाप्त करने वाले देवता हैं।

जब-जब दुष्ट असुरों ने देवताओं और संसार में अशांति फैलाई, तब-तब गणपति बप्पा ने अलग-अलग अवतार लेकर उनका ना/श किया और धर्म की रक्षा की

 आज हम आपको गणपति जी के विघ्नहर्ता नाम से जुड़ी कथा बताने जा रहे हैं।

एक बार देवताओं ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि कोई ऐसा देवता होना चाहिए, जो दुष्ट शक्तियों द्वारा किए गए विघ्नों को नष्ट कर सके। भगवान शिव ने यह कार्य गणेश जी को सौंपा। भगवान शिव ने कहा, “तुम्हारे पास शक्ति है कि तुम हर प्रकार की रुकावट और विघ्न को समाप्त कर सको, जिससे सभी कार्य आसानी से पूरे हो सकें।” इसके बाद से गणेश जी को विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाने लगा और हर शुभ कार्य में उनका पूजन आवश्यक माना गया।

विघ्नराज अवतार

माता पार्वती की हंसी से ‘मम’ नामक असुर पैदा हुआ। उसने तप और दैत्य शक्तियों के बल पर ममासुर बनकर देवताओं को कैद करना शुरू कर दिया। परेशान देवताओं ने गणेश जी से मदद मांगी। गणेश जी विघ्नराज रूप में प्रकट हुए और ममासुर को युद्ध में हराकर देवताओं को मुक्त किया। तभी से गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाने लगा।

भगवान गणेश की कृपा पाने के कुछ दैनिक उपाय

दूर्वा: 

गणेश जी को रोज दूर्वा अर्पित करें। विशेष रुप से बुधवार को जरुर चढाएं।

सिंदूर: 

उन्हें सिंदूर लगाएं और खुद भी माथे पर लगाएं, इससे आरोग्य मिलता है।

मोदक

मोदक या लड्डू का भोग लगाएं, क्योंकि यह उन्हें प्रिय है।

बुधवार की पूजा: 

बुधवार को गणेश जी की पूजा विशेष फलदायी होती है। पूजा में धूप, दीप, चंदन, अक्षत और फूल चढ़ाएं।

दान: 

गणेश जी की कृपा पाने के लिए गरीबों को दान करें।

 गणेश मंत्र

गणेश जी की कृपा पाने के लिए “ॐ गं गणपतये नमः” जैसे शक्तिशाली मंत्र का जाप किया जा सकता है।

इन छोटे छोटे उपायों से आप भगवान गणेश को प्रसन्न करके उनकी कृपा  पा सकते है