जाने किस दिन से शुरू हो रही है नवरात्रि?

नवरात्र साल का एक मात्र ऐसा व्रत है जो पूरे नौ दिन रहा जाता है और इसका सभी को बेसब्री से इंतजार भी रहता है, नवरात्र’ शब्द का संस्कृत में अर्थ हैं “नौ रातें” जहाँ ‘नव’ का अर्थ ‘नौ’ और ‘रात्रि’ का अर्थ ‘रातें’ है, यह एक हिंदू त्योहार है जो देवी दुर्गा की भक्ति में मनाया जाता है इस समय शक्ति के नवरूपों की उपासना की जाती है। जिसके बाद दसवें दिन विजयादशमी या दशहरा को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है भारत के प्राचीन ऋषि-मुनियों ने रात्रि को दिन की अपेक्षा अधिक महत्व दिया है इसलिए दीपावली, होलिका, शिवरात्रि और नवरात्र आदि उत्सवों को रात में ही मनाने की परंपरा है। यदि रात्रि का कोई विशेष रहस्य न होता तो ऐसे उत्सवों को ‘रात्रि’ न कहकर ‘दिन’ ही कहा जाता लेकिन नवरात्र के दिन, ‘नवदिन’ नहीं कहे जाते।  साल भर में चार बार नवरात्र का त्योहार मनाया जाता है. सभी नवरात्रि का अपना अलग-अलग महत्व होता है. सबसे ज्यादा धूमधाम से शारदीय नवरात्र का त्योहार मनाया जाता है. शहर के कई हिस्सों में घर, मंदिर और पूजा पंडालों में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर पूरे नौ दिनों तक ढोल-नगाड़ों के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में मां दुर्गा बेहद प्रसन्न होती हैं.मां दुर्गा के प्रसन्न होने से घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है

एक वर्ष में चार नवरात्रि का त्योहार होता है

कहा जाता है हिन्दू धर्म में एक वर्ष में चार नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है. दो गुप्त नवरात्रि, एक चैत्र और एक शारदीय नवरात्रि. सबसे ज्यादा शारदीय नवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है, खासकर उत्तर-पूर्व भारत, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, असम इत्यादि में. इस साल 22 सितम्बर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है. नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा पूरे नौ दिनों तक विधि-विधान से की जाती है.

ऋषिकेश पंचांग के अनुसार इस साल 22 सितम्बर प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है और समापन 02 अक्टूबर दशमी तिथि के दिन होने वाला है. इसके साथ ही साल शारदीय नवरात्रि का कलश स्थापना 22 सितम्बर को किया जाएगा. यह दिन कलश स्थापना के लिये बेहद शुभ रहने वाला है. इस दिन हस्त नक्षत्र के साथ ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है. ऐसे में कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजे से लेकर 8 बजे तक रहने वाला है. इसके बाद अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक रहने वाला है. रिपोर्ट न्यूज पीडिया 24