किसानों के लिए राहत भरी खबर: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मूंग व उड़द की खरीद को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी!

चंडीगढ़, 24 जून: देश के लाखों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द तथा उत्तर प्रदेश में उड़द की सरकारी खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत की जाएगी। इस फैसले का मकसद यह है कि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिले और उन्हें दलालों के भरोसे न रहना पड़े।

इस विषय को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में खरीद प्रक्रिया, भंडारण, खरीद केंद्रों की संख्या और पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में लिया गया है, और सरकार इसके लिए बड़ा वित्तीय भार भी उठाने को तैयार है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूरी तरह से किसान हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

किसानों से सीधे खरीद का उद्देश्य:

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खरीद व्यवस्था इस प्रकार बनाई जाए कि किसानों से सीधे खरीद हो और इसमें किसी भी प्रकार की बिचौलियों की भूमिका समाप्त की जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उत्पाद का वास्तविक लाभ उन्हीं किसानों को मिले, जिन्होंने इसे मेहनत से उगाया है।

भंडारण व्यवस्था पर विशेष ध्यान:

बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि पहले की खरीद प्रक्रियाओं में भंडारण को लेकर अनियमितताएं सामने आई थीं। शिवराज सिंह ने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि इस बार ऐसी शिकायतें न आएं। इसके लिए प्रौद्योगिकी का बेहतर इस्तेमाल, पंजीकरण की पारदर्शी प्रक्रिया, और भंडारण की निगरानी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी:

यदि किसानों की संख्या अधिक हो या किसी क्षेत्र में केंद्रों की कमी हो तो, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इससे किसानों को लंबी दूरी तय कर अपने उत्पाद बेचने की परेशानी नहीं होगी।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद:

इस वर्चुअल बैठक में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, केंद्रीय कृषि सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसानों को उनकी मेहनत का सही फल मिल सके।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी दोहराया कि अगर किसी राज्य को और अधिक सहायता की आवश्यकता होगी, तो केंद्र सरकार उसका हरसंभव सहयोग करेगी।