योग दिवस 2025: ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ के संदेश ने दुनिया को किया एकजुट, किंग चार्ल्स का खास संदेश बना आकर्षण!

चंडीगढ़, 21 जून: 21 जून 2025 को पूरी दुनिया ने 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस बार की थीम “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” रखी गई थी, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखती है, बल्कि मानसिक शांति, सामाजिक सामंजस्य और पर्यावरणीय संतुलन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी रेखांकित करती है।

इस आयोजन ने दुनिया भर में भारत की एक हजारों वर्षों पुरानी परंपरा को वैश्विक मंच पर एक सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में स्थापित कर दिया है।

भारत की पहल, दुनिया की भागीदारी

साल 2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकृति दी थी, जिसके बाद से हर वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन अब न केवल योग का उत्सव बन गया है, बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य और एकता का प्रतीक भी बन चुका है।

चीन में भी दिखी योग की शक्ति

बीजिंग में स्थित पुराने भारतीय दूतावास परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम की शोभा भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत की उपस्थिति ने और बढ़ा दी। आयोजन के दौरान योग प्रतियोगिता, समूह अभ्यास और राजनयिकों की भागीदारी ने पूरे माहौल को प्रेरणादायक बना दिया। वहीं शंघाई में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर सिद्धार्थ चटर्जी ने योग के वैश्विक प्रभाव की प्रशंसा करते हुए भारत के नेतृत्व की सराहना की।

लंदन में किंग चार्ल्स का संदेश बना चर्चा का विषय

ब्रिटेन की राजधानी लंदन के स्ट्रैंड क्षेत्र में सैकड़ों योग प्रेमियों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने किया और इसके बाद ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय का एक विशेष संदेश पढ़ा गया। उन्होंने योग को “विश्व शांति और संपूर्ण स्वास्थ्य का मार्ग” बताया। वहीं, किंग्स कॉलेज लंदन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने इस आयोजन को भारत और ब्रिटेन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक क्षण बताया।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हजारों लोगों ने साधा ध्यान

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के परिसर में आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में 1,200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। रंग-बिरंगी योग चटाइयों पर सभी ने सामूहिक अभ्यास किया। इस आयोजन में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और स्वास्थ्य विशेषज्ञ दीपक चोपड़ा ने एक विशेष ध्यान सत्र का नेतृत्व किया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने योग को “आधुनिक तनाव और मानसिक दबाव से लड़ने का प्रभावशाली साधन” बताया।

अफ्रीका के गांवों तक पहुंचा योग का संदेश

दूरस्थ अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे के एक कस्बे चिटुंगविजा में रहने वाले योग प्रशिक्षक एक्शन्स विन्या ने एक अनोखी पहल शुरू की है। उन्होंने वहां की एक पारंपरिक मधुशाला में योग कक्षाएं शुरू की हैं, जो अब वहां के लोगों के लिए मानसिक और सामाजिक तनाव से राहत पाने का एक नया जरिया बन गई हैं। कक्षा में भाग लेने वाले 47 वर्षीय जॉन महवाया और 24 वर्षीय एडिनाह मकोसा जैसे लोगों ने साझा किया कि योग ने उनके जीवन में आत्मबल, मानसिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की भावना जगाई है।

‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से जुड़ा यह पर्व

2025 के योग दिवस की थीम “One Earth, One Health” भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान प्रस्तुत की गई ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ — यानी “पूरा विश्व एक परिवार है” — की अवधारणा पर आधारित रही। यह नारा केवल एक थीम नहीं, बल्कि एक संदेश है कि जब धरती, पर्यावरण और मानवता का स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़ा है, तो समाधान भी समग्र होने चाहिए।