राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने नशे के खिलाफ पैदल मार्च में लिया भाग!

चंडीगढ़, 27 मार्च: पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज खरड़ में नशे के खिलाफ पैदल मार्च का नेतृत्व किया और इस दौरान कहा कि “वीरों की भूमि पर नशों के लिए कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की मुहिम को समाज के सहयोग से और भी प्रभावी बनाने की आवश्यकता जताई।

राज्यपाल ने कहा कि पंजाब की धरती धर्म और संस्कृति की रक्षा का प्रतीक रही है, और यहां के लोगों ने हमेशा अत्याचार और उत्पीड़न का विरोध किया है। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के शहादत को याद करते हुए कहा कि हमें पंजाब की वीरता को याद रखते हुए नशे को खत्म करने के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।

गुलाब चंद कटारिया ने नशे के खिलाफ उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए बताया कि पंजाब में सबसे कड़ी सजा एनडीपीएस एक्ट के तहत निर्धारित की गई है, और अब समय है कि हर जागरूक नागरिक इस लड़ाई में सरकार का साथ दें।

पैदल मार्च में शहर के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के लोग और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए।

इसके बाद, श्री राम भवन में राज्यपाल के सम्मान में एक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पंजाब और हरियाणा के जनगणना निदेशक ललित कुमार, भाजपा नेता विनीत जोशी, पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की लंबी राजनीतिक यात्रा और उनके योगदान पर विचार व्यक्त किए।

इस मौके पर राज्यपाल ने ऐतिहासिक अज्ज सरोवर के दर्शन किए और वहां लोगों को जोड़ने के लिए श्री राम मंदिर अज्ज सरोवर विकास समिति के प्रयासों की सराहना की।