चंडीगढ़, 27 जून: बॉलीवुड की दमदार अदाकारा काजोल इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मां’ को लेकर सुर्खियों में हैं। 27 जून 2025 को रिलीज हुई यह फिल्म सिर्फ एक हॉरर कहानी नहीं, बल्कि मातृत्व, शक्ति और आस्था की एक अलौकिक प्रस्तुति है। विशाल फुरिया निर्देशित यह फिल्म ‘शैतान यूनिवर्स’ का हिस्सा है और काजोल इसमें पहली बार हॉरर जॉनर में नजर आ रही हैं।
फिल्म में वह एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं जो अपनी बेटी को बचाने के लिए दैवीय शक्तियों और पौराणिक राक्षसों से भी टकरा जाती है। फिल्म को लेकर काजोल ने नवोदय टाइम्स / पंजाब केसरी / हिंद समाचार से दिल खोलकर बात की।
इंटरव्यू के प्रमुख अंश:
Q1. फिल्म ‘मां’ की रिलीज के बाद कैसा महसूस हो रहा है?
काजोल:
बहुत गर्व महसूस कर रही हूं। इस फिल्म की रिलीज मेरे करियर के 34वें साल में हुई है और मैं इसे अपने लिए बेहद खास मानती हूं। थिएटर में अपनी फिल्म देखना, वो भी इतने सालों बाद, मेरे लिए एक गहरा और संतोषजनक अनुभव है।
Q2. फिल्म में आपका किरदार काफी दमदार दिख रहा है, क्या खास है इसमें?
काजोल:
यह किरदार एक ‘जिद्दी, स्पष्टवक्ता और मजबूत मां’ का है। इसमें वो सब कुछ है जो एक मां अपने बच्चे के लिए कर सकती है – हद से गुजर जाना भी। यह किरदार दिखाता है कि मां से पंगा मत लेना! माएं बहुत खतरनाक हो सकती हैं… खासकर जब उनका बच्चा खतरे में हो। “एक मम्मा बेयर से कभी मत भिड़ो।”
Q3. हॉरर और माइथोलॉजी का मेल कैसे काम करता है इस फिल्म में?
काजोल:
ये शायद पहली बार है जब हॉरर और पौराणिक तत्वों को इतनी खूबसूरती से जोड़ा गया है। फिल्म की जड़ें हमारी संस्कृति और परंपरा में हैं। यह सिर्फ डराने वाली फिल्म नहीं, बल्कि हमारी मां काली और रक्तबीज जैसे पौराणिक चरित्रों से जुड़ी कहानी है। हम भारत की अनगिनत कहानियों में से एक को सामने लाए हैं, और अभी भी बहुत कुछ है जो दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है।
Q4. अब जब करियर के इतने साल हो चुके हैं, फिल्मों से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?
काजोल:
अब मैं किसी अपेक्षा के साथ नहीं काम करती। मैं हर दिन को एन्जॉय करती हूं, वही करती हूं जो मुझे खुशी देता है। अब ये सफर सिर्फ अभिनय का नहीं, आत्मिक संतुलन और आत्मसंतोष का है।
Q5. आपने हाल ही में विलेन रोल के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता, इस पर क्या कहेंगी?
काजोल:
मैं खुद को धन्य मानती हूं। यह सिर्फ मेरी मेहनत नहीं, दर्शकों के प्यार और आशीर्वाद का फल है। मैं इसके लिए सिर्फ ‘थैंक यू’ कहना चाहती हूं।
Q6. फिल्मी परिवार से होने का कितना फायदा मिला?
काजोल:
मुझे नहीं लगता कि एक्टिंग की कोई साइलेंट ट्रेनिंग मिलती है। यह टेम्परामेंट की बात है। एक शांत दिमाग और संतुलित सोच जरूरी होती है। सफलता कोई पारिवारिक गिफ्ट नहीं, यह मेहनत और समझदारी से आती है।
Q7. अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार कौन-सा लगा?
काजोल:
18 साल की उम्र में की गई मेरी फिल्म ‘उधार की जिंदगी’ में निभाया किरदार मुझे बहुत थका गया था। ऐसा लगने लगा था कि शायद मैं एक्टिंग छोड़ दूं। लेकिन फिर ‘सलाम वेंकी’ ने मुझे तोड़ा और बनाया भी। कुछ किरदार आपको बदल देते हैं – अंदर से।
Q8. एक वर्किंग मॉम के रूप में आपकी सलाह दूसरी माओं के लिए?
काजोल:
मदद मांगना कमजोरी नहीं, ताकत है। सब कुछ एक साथ न संभालें – एक समय में एक काम। और हां, मेरी मां का डायलॉग था, “क्योंकि मैंने कहा है!” – अब मैं भी यही कहती हूं। 😉
फिल्म ‘मां’ क्यों देखें?
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काजोल का अब तक का सबसे इंटेंस किरदार
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हॉरर + माइथोलॉजी की अनोखी प्रस्तुति
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मातृत्व की शक्ति को केंद्र में रखती कहानी
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शैतान यूनिवर्स का नया अध्याय
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