चंडीगढ़ , 30 दिसंबर -हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से उनके नई दिल्ली स्थित कार्यालय में बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा में संचालित प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हरियाणा सरकार के प्रयासों की सराहना की।
टीबी-मुक्त हरियाणा” पर जोर
बैठक में टीबी मुक्त भारत / टीबी मुक्त हरियाणा अभियान के अंतर्गत राज्य के प्रदर्शन को सराहा गया। केंद्रीय मंत्री ने निक्षय पोषण योजना को और मजबूत करने, निक्षय मित्रों की भागीदारी बढ़ाने तथा एक्स-रे जांच कवरेज का विस्तार करने की सलाह दी। फरवरी माह में 100-दिवसीय टीबी अभियान को पुनः शुरू किया जाएगा, जिसमें सांसदों, विधायकों, जिला समितियों और उपायुक्तों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
दवाइयों और जांच सेवाओं में बेहतर उपलब्धता
हरियाणा की आवश्यक दवा सूची (EDL) में राष्ट्रीय सूची की तुलना में अधिक दवाइयाँ शामिल हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता 90 प्रतिशत से अधिक तथा कुल अणु (मॉलिक्यूल) उपलब्धता 80 प्रतिशत से ऊपर पाई गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने सराहनीय बताया।
जांच सेवाओं की बात करें तो उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 13 प्रकार की जांच, जबकि जिला अस्पतालों में सूचीबद्ध 134 में से 108 जांचें उपलब्ध हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भी बड़ी संख्या में जांच सेवाएं दे रहे हैं। इन सेवाओं को हब एंड स्पोक मॉडल के माध्यम से और मजबूत करने का सुझाव दिया गया।
मानव संसाधन और बजट संरचना पर चर्चा
बैठक में चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने और उनकी तैनाती को सुव्यवस्थित करने पर बल दिया गया। वर्तमान में हरियाणा अपने स्वास्थ्य बजट का लगभग 70 प्रतिशत वेतन पर खर्च करता है। इसे अन्य राज्यों के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से 50 प्रतिशत तक लाने के लिए युक्तिसंगत भर्ती और योजना बनाने की सलाह दी गई।
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