भारत में निवेश सलाह के क्षेत्र में नया अध्याय: जियोब्लैकरॉक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स को सेबी से मिली मंज़ूरी!

चंडीगढ़, 11 जून: भारत की वित्तीय दुनिया में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जियोब्लैकरॉक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा बीएसई लिमिटेड से ‘निवेश सलाहकार’ के रूप में कार्य शुरू करने की मंज़ूरी मिल गई है। इस मंज़ूरी के साथ ही कंपनी देश में व्यक्तिगत निवेश सलाह की दुनिया में कदम रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

यह कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (JFSL) और अमेरिका की प्रतिष्ठित वित्तीय सेवा कंपनी ब्लैकरॉक इंक. के बीच एक संयुक्त उद्यम है। दोनों कंपनियों के साझा अनुभव, तकनीक और बाज़ार की समझ के बल पर जियोब्लैकरॉक का उद्देश्य भारत के करोड़ों निवेशकों तक विश्व स्तरीय निवेश सेवाएं पहुँचाना है।

इस मौके पर एक और बड़ी घोषणा की गई है—कंपनी की कमान अब अनुभवी वित्तीय पेशेवर मार्क पिलग्रेम के हाथों में सौंपी गई है। उन्हें जियोब्लैकरॉक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स का प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) नियुक्त किया गया है। मार्क पिलग्रेम को वैश्विक वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में 25 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है, और वह पहले भी कई नामी संस्थानों में नेतृत्व की भूमिका निभा चुके हैं।

साझेदारी का उद्देश्य और दिशा

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के एमडी और सीईओ हितेश सेठिया ने इस अवसर पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा,

“सेबी से मिली मंज़ूरी हमारे लिए केवल एक लाइसेंस नहीं, बल्कि ब्लैकरॉक के साथ हमारी साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत है। आज भारत में लोग अपने वित्तीय जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यक्तिगत और सरल समाधान खोज रहे हैं। ऐसे में हमारा यह संयुक्त उद्यम उन्हें भरोसेमंद, सुलभ और पेशेवर निवेश सलाह उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें पूरा विश्वास है कि जियोब्लैकरॉक का दृष्टिकोण भारत में धन निर्माण के तरीके को एक नई दिशा देगा।”

ब्लैकरॉक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रॉब गोल्डस्टीन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा,

“भारत आज विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते निवेश बाज़ारों में से एक है। जियोब्लैकरॉक को ब्लैकरॉक की वैश्विक विशेषज्ञता, नवीनतम निवेश तकनीक और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की पहुंच का पूरा लाभ मिलेगा। यह तालमेल हमें देश भर के निवेशकों को ऐसी व्यक्तिगत और गुणवत्ता-सम्पन्न सलाह देने में मदद करेगा, जिसकी उन्हें लंबे समय से आवश्यकता थी।”

डिजिटल-फर्स्ट रणनीति का संकल्प

कंपनी के नए सीईओ मार्क पिलग्रेम ने भी इस पहल को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा,

“मैं इस नई भूमिका को संभालते हुए गर्व महसूस कर रहा हूँ। हमारा लक्ष्य है कि हर निवेशक को उच्च गुणवत्ता की निवेश सलाह डिजिटल माध्यमों से सरल, पारदर्शी और किफायती तरीके से उपलब्ध कराई जाए। हम एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहे हैं जो आज के भारतीय निवेशकों की ज़रूरतों को गहराई से समझे और उसी के अनुसार समाधान पेश करे।”

क्या होगा आगे?

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नई मंज़ूरी के बाद वह विशेष रूप से डिजिटल-फर्स्ट रणनीति पर काम करेगी—यानी निवेशकों के लिए ऐसे उत्पाद और सेवाएं तैयार की जाएँगी जो तकनीक की मदद से सुविधाजनक, तेज़ और सटीक हों। आने वाले समय में कंपनी की ओर से और भी जानकारी साझा की जाएगी, जिसमें उसके प्रस्तावित सेवाओं और उत्पादों का विस्तृत विवरण दिया जाएगा।

यह भी उल्लेखनीय है कि इसके पहले, 27 मई को जियोब्लैकरॉक की एक अन्य इकाई—जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड—को भारत में म्यूचुअल फंड सेवाएं शुरू करने की भी मंज़ूरी मिल चुकी है।