चंडीगढ़, 17 जुलाई: उत्तर भारत के धार्मिक पर्यटन में विशेष स्थान रखने वाली माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय की ओर से एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। अब माता के भक्तों की कटरा तक की यात्रा और अधिक सहज, सुविधाजनक और समय की बचत वाली हो सकेगी।
जम्मू से कटरा तक रेल लाइन को डबल करने की मिली मंजूरी
रेल मंत्रालय ने जम्मू से लेकर श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक की सिंगल रेल लाइन को डबल करने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (Final Location Survey) की आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। यह सर्वे लगभग 77.96 किलोमीटर लंबे रेल रूट को कवर करेगा, जिससे भविष्य में इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या में बढ़ोत्तरी के साथ उनकी गति और समय प्रबंधन में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
तीर्थयात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा – यात्रा होगी अधिक सुरक्षित, तीव्र और आरामदायक
भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार कटरा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फिलहाल, जम्मू से कटरा के बीच केवल एक ही रेल लाइन संचालित है। सिंगल ट्रैक होने की वजह से न सिर्फ ट्रेनों की संख्या सीमित रह जाती है, बल्कि ट्रेनों का संचालन भी धीमा और जटिल हो जाता है।
अब जब इस मार्ग को डबल किया जाएगा, तो ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होगी, संचालन में तेजी आएगी और पूरे यात्रा अनुभव को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। इससे न केवल तीर्थयात्रा का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी।
12.59 करोड़ रुपये की लागत से होगा विस्तृत सर्वेक्षण
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, इस फाइनल लोकेशन सर्वे पर कुल लागत लगभग 12 करोड़ 59 लाख रुपये अनुमानित की गई है। इस सर्वे के ज़रिए इस परियोजना की तकनीकी व्यावहारिकता, निर्माण योजना और भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर भविष्य की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उत्तर रेलवे के तहत इस परियोजना को चरणबद्ध रूप में अंजाम दिया जाएगा।
डबल ट्रैक की आवश्यकता क्यों पड़ी?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब से वंदे भारत एक्सप्रेस ने कटरा से श्रीनगर के बीच संचालन शुरू किया है, तब से यात्रियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। देशभर से श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग इस रूट का भरपूर उपयोग कर रहे हैं।
कटरा एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां पहुंचने के लिए भक्त विशेष रेल कनेक्टिविटी की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे में डबल रेल लाइन का निर्माण समय की जरूरत बन गया है। इसके ज़रिए यात्रियों को अधिक ट्रेनों की सुविधा मिल सकेगी, वहीं मालवाहक ट्रेनों का संचालन भी आसानी से हो पाएगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
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