चंडीगढ़, 22 जुलाई: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन इससे जुड़ी संवैधानिक प्रक्रियाओं और सुविधाओं को लेकर अब आम लोगों में कई सवाल उठ रहे हैं।
उपराष्ट्रपति की सैलरी कितनी होती है?
इस्तीफे के बाद क्या मिलती है पेंशन?
सरकारी सुविधाएं मिलती रहेंगी या नहीं?
आइए, इन सभी पहलुओं को विस्तार से समझते हैं।
उपराष्ट्रपति को कितनी मिलती है सैलरी?
भारत के उपराष्ट्रपति को हर महीने लगभग ₹4,00,000 रुपये वेतन मिलता है। यह वेतन उन्हें केवल उपराष्ट्रपति के नाते नहीं, बल्कि राज्यसभा के सभापति होने के कारण भी दिया जाता है।
यह वेतन और उससे जुड़े भत्ते “संसद (अधिकारियों) वेतन और भत्ता अधिनियम, 1953” के अंतर्गत तय होते हैं। 2018 से पहले उपराष्ट्रपति की सैलरी ₹1.25 लाख प्रतिमाह थी, जिसे संशोधित कर ₹4 लाख तक बढ़ाया गया।
उपराष्ट्रपति को पद पर रहते हुए कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
उपराष्ट्रपति के तौर पर देश के इस सर्वोच्च संवैधानिक पद से जुड़ी कई विशेष सरकारी सुविधाएं प्राप्त होती हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| आवास | नई दिल्ली में विशाल और उच्च सुरक्षा वाला सरकारी बंगला |
| यात्रा | देश के भीतर हवाई/रेल यात्रा पूरी तरह निशुल्क |
| स्वास्थ्य | सरकारी या पंजीकृत निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज (परिवार सहित) |
| सुरक्षा | Z+ या SPG श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था |
| संचार | मोबाइल, लैंडलाइन, इंटरनेट आदि सुविधाएं निशुल्क |
| अन्य | सरकारी वाहन, ड्राइवर, निजी स्टाफ, सचिवीय सहयोग |
इस्तीफे के बाद क्या मिलती है पेंशन और अन्य लाभ?
उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद, पूर्व उपराष्ट्रपति के रूप में कुछ सुविधाएं सीमित रूप में जारी रहती हैं:
पेंशन:
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मासिक वेतन का 50% हिस्सा पेंशन के रूप में दिया जाता है।
अन्य स्थायी लाभ:
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मुफ्त चिकित्सा सुविधा, परिवार सहित (सरकारी अस्पतालों में)
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यात्रा भत्ता, एक तय सीमा तक हवाई या रेल यात्रा निशुल्क
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कार्यालय और स्टाफ की सुविधा, सीमित अवधि तक
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सुरक्षा व्यवस्था, हालांकि इसमें समय के साथ संशोधन संभव
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सरकारी आवास, एक तय अवधि तक उपयोग की अनुमति (फिर खाली करना अनिवार्य)
अब आगे क्या? कौन संभालेगा कार्यभार?
धनखड़ के इस्तीफे के बाद, नए उपराष्ट्रपति की नियुक्ति तक कार्यभार राष्ट्रपति या राज्यसभा के उपसभापति को सौंपा जा सकता है।
उपराष्ट्रपति का चुनाव:
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यह चुनाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होता है।
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जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
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निर्वाचन मंडल में राज्यसभा और लोकसभा के सभी निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं।
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