कीचड़ में रहकर भी निर्मल रहता है..जानिए मां लक्ष्मी को क्यो पसंद है कमल ?

मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना के लिए सबसे अच्छा दिन शुक्रवार का माना जाता है. हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को धन की देवी माना गया है. भक्तगण माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कई उपाय करते हैं और उनका आशीर्वाद भी प्राप्त करते हैं. जिससे उनके जीवन में धन, सुख और समृद्धि की कमी ना आए. देवी लक्ष्मी की पूजा में कमल का फूल विशेष रूप से चढ़ाया जाता है. फिर चाहे वो पूजा दीपावली की हो या घर में हो रही कोई और पूजा हो.  आपने माता लक्ष्मी की मूर्ति और चित्र में नोटिस किया होगा कि देवी लक्ष्मी को कमल के पुष्प पर विराजमान दिखाया जाता है.

 

आज जानते है माता लक्ष्मी को चढ़ाए जाने वाला कमल फूल के धार्मिक अनुष्ठान और महत्व को . दरअसल, माता लक्ष्मी की उत्पति जल यानी समुद्र से हुई है और कमल का फूल भी जल में उत्पन्न होने वाला सबसे सुंदर फूल है. यही वजह है कि यह पवित्र फूल माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है इसिलिए माता लक्ष्मी की पूजा में इस फूल को चढ़ाते हैं.

 

माता लक्ष्मी  को क्यों प्रिय है कमल पुष्प

मान्यता है माता लक्ष्मी जी की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी. कमल का फूल भी जल में उत्पन्न होने वाला सबसे सुंदर पुष्प माना जाता है. इसलिए यह पुष्प माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है।

कीचड़ में खिलने के बाद भी कमल अपने ऊपर गंदगी हावी नहीं होने देता. कमल का फूल अपनी सुंदरता और कोमलता के लिए मशहूर है.

देवी लक्ष्मी भी यही संदेश देती हैं कि कीचड़ और गंदगी जैसे समाज में रह कर भी जो लोग खुद को पवित्र और निर्मल बनाए हुए हैं, उनके ऊपर माता लक्ष्मी का आशीर्वाद सदैव बना रहेगा.

मान्यता के अनुसार ऐसे लोगों से देवी लक्ष्मी हमेशा प्रसन्न रहती हैं, खुद को कमल की तरह कीचड़ में रहते हुए भी निर्मल बनाए रखना चाहिए.

तालाबों में अक्सर कमल और कुमुदिनी दोनों ही पाए जाते हैं। दोनों माता लक्ष्मी को अर्पित किए जा सकते हैं, परंतु विशेष रूप से हरी डंडी वाला, चौड़े पत्तों वाला और कमलगट्टा युक्त कमल पुष्प सबसे शुभ माना गया है.

पूजा में फूल चुनते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए.

प्रदोष काल में कमल आसन विराजमान करें

ज्योतिष के मुताबिक,  सायंकालीन प्रदोष काल में माता लक्ष्मी को कमल के आसन पर विराजमान करने का विधान है. मान्यता है कि माता का स्थायी निवास कमल पुष्प पर ही होता है, इसलिए इसी आसन पर उनकी पूजा की जाती है.

कहा जाता है देवी लक्ष्मी उन लोगों पर अपनी कृपा बरसाती हैं जो अधार्मिक कार्यों से दूर रहते हैं और खुद को अच्छे कार्यों में व्यस्त रखते हैं.

जिस प्रकार कमल के पुष्प पर बैठी माता लक्ष्मी जरा भी घमंड नहीं करतीं. ठीक उसी तरह मनुष्य को भी धन की प्राप्ति हो जाने पर घमंड नहीं करना चाहिए

माता को मिश्री और खीर का लगाएं भोग. इसके साथ ही मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप स्फटिक या कमलगट्टे की माला से करें.

यह काफी प्रभावी माना जाता है. उपाय को करने से माता की कृपा जल्द होती है.