रविवार को सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ..जानिएं इसका समय

रविवार का दिन भगवान सूर्य को समपर्ति है। इस दिन भगवान भास्कर की पूजा करते है ।

भगवान सूर्य़ की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण  जल चढ़ाने का समय होता है।

भगवान सूर्य को खुश करने का सबसे सही तरीका उनको जल चढ़ाने से संबधित होता है ।

भगवान सूर्य को जल देने का समय

1- आज हम इसी बारे में आपको जानकारी देते है।  भगवान सूर्य को जल चढ़ाने का सबसे उत्तम समय सुबह का होता है.

जल चढ़ाते समय खास ध्यान देने वाली बात होती है जब जल चढ़ाते है तो जूते-चप्पल नहीं पहनने चाहिए. नंगे पैर सूर्य को जल अर्पित करें।

2- सूर्य को जल देते समय ”ऊं आदित्य नम: मंत्र या ऊं घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए। सूर्य को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो।

जल में रोली या फिर लाल चंदन का प्रयोग करें। इसके अलावा लाल फूल भी सूर्य देव को अर्पित करना शुभ माना जाता है आप अक्षत भी जल में ड़ाल सकते है इसके साथ आप कुछ मीठा भी डालकर जल चढ़ा सकते है।

3- यदि आप समय की कमी के कारण प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं तो कम से कम रविवार के दिन उन्हें जल अवश्य अर्पित करें ।

रविवार को सूर्य देव का दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करना विशेष फलदायी होता है।

4- शास्त्रों में माना गया है उगते सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए, जल चढ़ाने का सही समय 6 से 7.30 तक होना चाहिए।

अगर समय थोड़ा बढ़ाना चाहते है तो 8.30 तक हम सूर्य देव को जल चढ़ा सकते है क्योकि जो लोग नाइट ड्यूटी करते है उनको सुबह उठने में थोड़ी लेट हो जाती है इसलिए उनके लिए यह छुट दी जाती है।

5- भगवान सूर्य़ आरोग्य औऱ बुद्धि के स्वामी है इसलिए भगवान सूर्य को जल चढ़ाने से सारे रोग दोष दूर हो जाते है। घऱ में सुख शांति बनी रहती है और लोग स्वस्थ जीवन जी सकते है।