चंडीगढ़, 24 जून: लगातार 12 दिनों से दुनिया की नजरों में बने हुए इजरायल और ईरान के बीच के तनावपूर्ण हालात अब कुछ ठहरते नजर आ रहे हैं। मध्य पूर्व में गहराते इस सैन्य टकराव को लेकर जो वैश्विक चिंता बनी हुई थी, उसे अब थोड़ी राहत मिली है। दोनों देशों के बीच आखिरकार युद्धविराम यानी सीजफायर की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। यह ऐलान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किया गया, जिन्होंने इस ऐतिहासिक घटनाक्रम की पुष्टि की।
युद्धविराम का वैश्विक असर
इस घोषणा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत की लहर दौड़ गई है। वैश्विक बाजारों ने इस खबर का खुलकर स्वागत किया और इसका प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। मंगलवार को जैसे ही बाजार खुले, निवेशकों में नई ऊर्जा दिखाई दी और सेंसेक्स तथा निफ्टी ने शानदार शुरुआत की।
भारतीय शेयर बाजार में जोश
मंगलवार की सुबह जब बाजार खुला, तो बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 900 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ उछल पड़ा। वहीं एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) ने भी 270 अंकों की जोरदार छलांग लगाई। पिछले दिन यानी सोमवार को बाजार में जो गिरावट देखने को मिली थी, उसका असर एकदम खत्म हो गया और निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।
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सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 81,896.79 से बढ़कर 82,534.61 पर खुला।
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निफ्टी ने सोमवार के बंद 24,971.85 से तेज शुरुआत करते हुए 25,179.90 पर ओपनिंग की और फिर बढ़कर 25,250.85 तक पहुंच गया।
वैश्विक संकेतों की भूमिका
इस तेज़ी के पीछे सिर्फ युद्धविराम ही नहीं, बल्कि अमेरिका और एशियाई शेयर बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों का भी बड़ा हाथ रहा। निवेशकों को अब यह उम्मीद दिखने लगी है कि ग्लोबल इकॉनमी पर मंडरा रहा अनिश्चितता का खतरा फिलहाल टल गया है।
अमेरिकी शेयर बाजारों की स्थिति:
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Dow Jones में 374.96 अंकों की मजबूती
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S&P 500 में 0.51% की वृद्धि
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Nasdaq ने 183.56 अंकों की छलांग लगाई
एशियाई बाजारों में दिखा सकारात्मक माहौल:
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Nikkei (जापान) 415 अंक चढ़कर 38,769.12 पर
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Hang Seng (हांगकांग) 423.87 अंक बढ़कर 24,111 पर
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KOSPI (दक्षिण कोरिया) 75.78 अंकों की तेजी के साथ 3,090.25 पर
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Gift Nifty में भी 200 अंकों से अधिक की उछाल दर्ज
तेल की कीमतों में राहत
इजरायल और ईरान के बीच तनाव का एक बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला था। युद्ध की आशंका के चलते तेल के दाम तेजी से चढ़ने लगे थे, जिससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा गहराता जा रहा था। लेकिन अब जब दोनों देशों ने सीजफायर कर लिया है, तो कच्चे तेल के दामों में गिरावट देखी गई है। इसका सीधा लाभ वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
निवेशकों में लौटा भरोसा
जैसे-जैसे युद्ध का खतरा टलता नजर आ रहा है, वैसे-वैसे बाजार में स्थिरता लौट रही है। निवेशकों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति फिर से नजर आ रही है और वे एक बार फिर शेयर बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। भले ही अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह तेजी कितने समय तक टिकेगी, लेकिन फिलहाल बाजार में स्थायित्व की एक स्पष्ट झलक दिखाई दे रही है।
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