मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विनाशकारी युद्ध को 12 दिन बीत चुके हैं, इस महायुद्ध में ईरान की मजबूत सैन्य रणनीति ही है जो उसे इस संघर्ष में टिके रहने में मदद कर रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा कहे गए शब्दों को लेकर कि अब ईरान ज्यादें दिनों तक नही टिक सकता है वहीअब इसको लेकर ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अपना सबसे बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इस हमले की जद में न केवल इजराइल, बल्कि अमेरिका और दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां भी आती दिख रही हैं।
IRGC ने कहा है कि ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद अब तक का सबसे तीव्र हमला ईजराइल पर किया है. इस दौरान ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के ठिकानों पर कई मिसाइलें दागीं. इजरायल की सेना के अनुसार मिसाइल हमले के बाद देश के कई इलाकों में सायरन बजने लगे ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर जा सकें. हालांकि शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं
ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान ने इजराइल के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह हमला अब तक का सबसे भीषण हमला बताया जा रहा है, जिससे आशंका बढ़ गई है युद्ध और भी भयावह हो सकता है।
अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तर और डेटा सेंटर्स भी निशाने पर
ईरानी रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट की सूची में इन कंपनियों को लिया जा सकता है, जिनमें गूगल (Google), अमेजन (Amazon), माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया (Nvidia), IBM और ओरेकल (Oracle) है।
इन कंपनियों के इजराइल, दुबई और अबू धाबी में स्थित दफ्तरों और डेटा सेंटर्स पर हमला हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो वैश्विक टेक सप्लाई चेन और डेटा सिक्योरिटी पर गहरा संकट खड़ा हो सकता है। दुबई के सरकारी मीडिया दफ्तर के मुताबिक दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन गिरे हैं. इसके बाद अफरा तफरी मच गई वही 4 लोग जख्मी भी हो गए. जख्मी होने वालों में एक भारतीय भी शामिल है. बाकी के तीनों घायलों में से एक बांग्लादेश से और दो घाना के नागरिक हैं ।
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