इंडिगो संकट पर अब DGCA (नागरिक उड्डयन नियामक) भी सरकार की निगरानी में आ गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक इंटरव्यू में कहा कि इंडिगो में हुई अव्यवस्थाओं की जांच सिर्फ एयरलाइन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियामक DGCA की भूमिका की भी गहन पड़ताल होगी। साथ ही मंत्री ने यात्रियों को हुई दिक्कतों पर खेद जताते हुए कहा कि पूरे मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ स/ख्त और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बतादें इंडिगो संकट को लेकर बीते दिन इंडिगो एयरलाइन के टॉप मैनेजमेंट के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) में बैठक हुई. इस बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के साथ मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा भी मौजूद रहे. बैठक में मंत्रालय ने इंडिगो एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स को बुलाया गया और उनसे इंडिगो संकट पर पूरा अपडेट भी लिया गया.
जरुरत पड़ी तो CEO को करेगें बखार्स्त
राम मोहन नायडू ने संकेत दिए कि इंडिगो की यह बड़ी चूक किसी साधारण गलती जैसी नहीं दिखती, बल्कि इसमें इच्छा या लापरवाही से हुई गड़बड़ी के संकेत मिलते है। उन्होंने कहा कि सरकार यह पता लगा रही है कि संकट ठीक उसी समय क्यों उत्पन्न हुआ और जबकि ऑपरेशंस जारी थे, फिर भी स्थिति अचानक खराब कैसे हो गई। सरकार पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजहों की विस्तृत जांच कर रही है।
CEO को हटाने के सवाल पर नायडू ने कहा कि जरूरत पड़ी तो जरूर हटाया जाएगा। जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह जरूर होगी। नायडू ने ये भी बताया कि मैं पिछले 7 दिनों से लगातार मीटिंग कर रहा हूं और मुश्किल से सो पाया हूं, क्योंकि फोकस सिर्फ यात्रियों की परे/शानी दूर करने पर है।
सरकार ने दिया 10% फ्लाइट्स घटाने का आदेश
इसी बीच, सरकार ने इंडिगो पर एक्शन लेते हुए उसकी 10% फ्लाइट्स घटाने का आदेश दिया है। यह कटौती हाई-डिमांड और हाई-फ्रीक्वेंसी वाले रूट्स पर होगी। इससे रोजाना चलने वाली 2300 में से करीब 230 फ्लाइट्स कम हो जाएंगी।
इसके साथ ही DGCA ने इंडिगो को बुधवार शाम 5 बजे तक नया शेड्यूल जमा करने का निर्देश दिया है। वही मंगलवार को भी कंपनी की 422 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं।
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