हरियाणा महिला विकास निगम की व्यक्तिगत ऋण योजना: आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में नया कदम!

चंडीगढ़, 26 जून: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा महिला विकास निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए व्यक्तिगत ऋण योजना के अंतर्गत 60 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इनमें से 40 लाभार्थी अनुसूचित जाति वर्ग से और 20 अन्य श्रेणियों से होंगी।

क्या है व्यक्तिगत ऋण योजना?

यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो स्वरोज़गार या छोटे व्यवसाय की शुरुआत करना चाहती हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण ऐसा करने में असमर्थ हैं। योजना के तहत महिलाओं को ₹1.50 लाख तक का ऋण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसायिक सपनों को हकीकत में बदल सकें।

पात्रता की शर्तें:

  • महिला आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

  • परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता नहीं होना चाहिए।

  • सभी श्रेणियों की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, लेकिन अनुसूचित जाति वर्ग को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

वित्तीय सहायता की रूपरेखा:

घटक विवरण
अधिकतम ऋण राशि ₹1.50 लाख
अनुदान (सब्सिडी) अनुसूचित जाति वर्ग – अधिकतम ₹25,000
अन्य श्रेणी – अधिकतम ₹10,000 (कुल ऋण का 25%)
स्वयं वहन राशि कुल राशि का 10% आवेदिका द्वारा
शेष राशि राष्ट्रीयकृत/सहकारी बैंकों से ऋण के रूप में उपलब्ध

किन गतिविधियों के लिए मिल सकता है ऋण?

यह योजना व्यावसायिक गतिविधियों और लघु उद्योगों के लिए उपयुक्त है, जैसे:

  • सिलाई व कढ़ाई का कार्य

  • किराना या जनरल स्टोर

  • स्टेशनरी या कपड़े की दुकान

  • रेडीमेड गारमेंट्स

  • बुटीक

  • मनियारी आदि।

यह योजना शहरी और ग्रामीण — दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए लागू है।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक महिलाएं निम्नलिखित पते पर संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकती हैं:

कार्यालय:
हरियाणा महिला विकास निगम,
कमरा नंबर 52, तीसरी मंजिल,
नई बिल्डिंग, मिनी सचिवालय,
सैक्टर-1, पंचकूला

📞 संपर्क नंबर: 0172-2585271