हरियाणा सरकार का गौशालाओं को तोहफ़ा: भूमि खरीद पर अब नहीं देनी होगी स्टाम्प ड्यूटी, गजट अधिसूचना जारी!

चंडीगढ़, 26 जून: हरियाणा की गौशालाओं के लिए बड़ी राहत और उत्साहजनक खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा किया गया वादा अब हकीकत बन गया है। प्रदेश सरकार ने गौशालाओं द्वारा भूमि खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी को पूरी तरह शून्य करने की गजट अधिसूचना जारी कर दी है।

यह निर्णय न केवल गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि राज्य में बेसहारा गौवंश की देखरेख के लिए नई भूमि खरीद को भी बढ़ावा देगा।

गौशालाओं को मिलेगा सीधा फायदा

हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्री श्रवण कुमार गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2014 से पहले तक जब भी कोई गौशाला भूमि खरीदती थी, तो उसे रजिस्ट्री के समय 5 से 7 प्रतिशत तक स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था। इससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता था।

लेकिन अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह शुल्क पूरी तरह से शून्य कर दिया गया है। इससे गौशालाओं को भूमि खरीदने में काफी सुविधा होगी, और वे अधिक प्रभावी ढंग से गौसेवा कर सकेंगी।

हरियाणा में गौसेवा का वर्तमान परिदृश्य

  • 686 पंजीकृत गौशालाएं हरियाणा में संचालित हो रही हैं।

  • इन गौशालाओं में लगभग 4.50 लाख बेसहारा गौवंश का पालन-पोषण किया जा रहा है।

  • वर्ष 2024 में गौशालाओं को 107.28 करोड़ रुपये की चारा अनुदान राशि 1 अगस्त से 31 दिसंबर तक वितरित की जा चुकी है।

  • 1 जनवरी से 31 मार्च 2025 तक की 81 करोड़ रुपये की चारा अनुदान राशि भी शीघ्र वितरित की जाएगी।

गौशालाओं में नए निर्माण और सुविधाएं

  • आयोग द्वारा 51 गौशालाओं में जल्द ही आयरन शेड (100’x40’) का निर्माण कराया जाएगा, जिस पर करीब 5 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।

  • मुख्यमंत्री द्वारा घोषित योजना के अनुसार, गौशालाओं को जल्द ही लगभग ₹10 करोड़ की लागत से 820 ई-रिक्शा वितरित किए जाएंगे। यह कदम गौशालाओं को रोजमर्रा के संचालन में सहायता प्रदान करेगा।

गौभक्तों और समाज का आभार

हरियाणा गौ सेवा आयोग और प्रदेश की गौशालाओं ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। यह कदम न केवल गौसेवा के लिए सराहनीय है, बल्कि समाज में संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण प्रशासन की छवि भी प्रस्तुत करता है।