हरियाणा बना निवेशकों की पहली पसंद, मुख्यमंत्री ने दिखाई औद्योगिक विकास की नई राह!

चंडीगढ़, 4 जून: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने एक अहम संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में जिस तरह से औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत ढांचे और नीति-परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया है, उसने हरियाणा को उद्योगों के लिए देश और विदेश में एक विश्वसनीय निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित कर दिया है।

यह बातें उन्होंने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान कहीं, जो मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास “संत कबीर कुटीर” में आयोजित हुई। इस अवसर पर दिल्ली, पंजाब, हिमाचल और हरियाणा से कई प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री सैनी ने उद्योग जगत से जुड़े लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे हरियाणा में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनें। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा जल्द ही प्रदेश में 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित की जाएंगी। इसके लिए व्यापक योजना बनाई जा रही है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक संरचना और अधिक सशक्त हो सके।

उन्होंने कहा, “हमने उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए न केवल सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत किया है, बल्कि सिंगल विंडो से सिंगल रूफ सिस्टम तक नीतियों में सुधार किए हैं। इससे एनओसी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगने वाला समय कम हुआ है, जो अब 15 से 45 दिन के भीतर पूरा किया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2025-26 के बजट में स्टार्टअप्स और औद्योगिक विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को और अधिक बेहतर बनाया जा रहा है, साथ ही रिसर्च और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए फंड ऑफ फंड्स जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

एक विशेष पहल के रूप में मुख्यमंत्री ने “डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर” के गठन का जिक्र किया, जिसका उद्देश्य भविष्य की तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि बजट को समावेशी और भागीदारीपूर्ण बनाने के लिए उन्होंने बजट से पूर्व विभिन्न वर्गों से परामर्श किया, जिसमें उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र भी शामिल थे। प्राप्त सुझावों को नीतियों में शामिल कर वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं बनाई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि हरियाणा वर्ष 2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बने। यह लक्ष्य तभी संभव है जब उद्योग जगत, स्टार्टअप्स, युवाओं और हर वर्ग की सहभागिता हो।”

इस अवसर पर उन्होंने ‘हरियाणा: गेटवे टू नॉर्दर्न इंडियाज इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन’ पर आधारित वाइट पेपर और ‘ट्रेडिशनल क्राफ्ट ऑफ हरियाणा ऑन ग्लोबल रनवे’ नामक दस्तावेज का लोकार्पण भी किया। ये दोनों दस्तावेज हरियाणा की औद्योगिक क्षमताओं और परंपरागत शिल्पकला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के महत्वपूर्ण प्रयास हैं।

इस कार्यक्रम में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष श्री हेमंत जैन और पंजाब चैप्टर के चेयरमैन श्री करण गिल्होत्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए प्रदेश में व्यापार और उद्योग के लिए तैयार की गई अनुकूल नीतियों की सराहना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, राजनीतिक सचिव श्री तरुण भंडारी, ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार श्री पवन चौधरी सहित प्रदेश और अन्य राज्यों के कई उद्योगपति और व्यापार संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उद्योगों को सभी प्रकार की सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सहयोग भविष्य में और भी व्यापक होगा।