आने वाले घंटे भारी: बादल फटे, भूस्खलन-बाढ़ से तबाही, देशभर में संकट के हालात!

चंडीगढ़, 3 जुलाई: भारत में मानसून इस समय पूरे उफान पर है और कई राज्यों में इसका असर भयावह रूप ले चुका है। भारी बारिश, बादल फटना, भूस्खलन और तेज़ हवाओं की वजह से देश के अनेक हिस्सों में ज़िंदगियां खतरे में हैं। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए आने वाले कुछ घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों और जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किए गए हैं।

हिमाचल में मचा कहर: 20+ जगहों पर बादल फटे, अब तक 51 की मौत

  • हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

  • अब तक 20 से अधिक स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

  • इसके कारण भूस्खलन और बाढ़ ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

  • 51 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 22 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

  • राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाइयाँ आ रही हैं।

IMD की चेतावनी: 61 km/h तक की हवाएं, बिजली गिरने का खतरा

मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 2 से 3 घंटों में कई हिस्सों में 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों और जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

🔹 राजस्थान – जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, सिरोही, पाली, अजमेर, नागौर, टोंक
🔹 उत्तराखंड – उधम सिंह नगर, नैनीताल
🔹 उत्तर प्रदेश – कानपुर, आगरा, रायबरेली, लखीमपुर, उन्नाव, इटावा सहित कई ज़िले
🔹 मध्य प्रदेश – ग्वालियर, भिंड, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी
🔹 गुजरात – सूरत, वलसाड, बनासकांठा, पंचमहल, नवसारी आदि
🔹 छत्तीसगढ़ – बिलासपुर, रायगढ़, सरगुजा, कोरबा, महासमुंद सहित कई ज़िले
🔹 महाराष्ट्र – रायगढ़
🔹 केरल – त्रिशूर
🔹 तमिलनाडु – चेन्नई, विल्लुपुरम, तिरुवन्नामलाई, कुड्डालोर आदि

IMD की सलाह: सावधानी ही बचाव है

  • बिजली या आंधी-तूफान के समय घर से बाहर न निकलें

  • कमजोर इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों या टीन की छतों से दूर रहें।

  • यात्रा टालें, अगर बहुत जरूरी हो तो मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर लें।

  • नदी-नालों या पानी भरे इलाकों से पूरी तरह परहेज़ करें।

6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना

IMD के मुताबिक, 1 से 6 जुलाई तक देश के कई इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी।
विशेष रूप से उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी राज्यों और पहाड़ी इलाकों में इसका असर अधिक रहेगा।

स्थिति बेहद संवेदनशील: लोगों से अपील

प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों से अलर्ट रहने, अफवाहों से दूर रहने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

🔹 “सावधानी और सतर्कता ही इस संकट से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।”