रोजाना साइबर क्राइम के बढ़ते मामले के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साइबर ठगी को खत्म करने के लिए की CBI की नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन किया. उन्होंने I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) के S4C डैशबोर्ड को लॉन्च भी किया. अमित शाह ने जानकारी दी ये ऐसी यूनिट है जिसमें कई अलग-अलग विभाग और यूनिट एक प्लेटफॉर्म पर साइबर क्राइम को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं. सभी के प्रयास एक ही दिशा में हैं.
उन्होंने कहा कि पहले 25 हजार यूज़र्स थे, जो अब 100 करोड़ पार कर चुके हैं. 1 GB डेटा का रेट बहुत ज्यादा था जो अब यह 97 प्रतिशत कम हुआ है. दुनिया में हर दूसरा डिजिटल ट्रांसजेक्शन भारत में हो रहा है. जिन्हें हमें सुरक्षित करना है, इसके अंतर्गत 97 करोड़ से अधिक जनधन खाते हैं.जो ठगों के निशाने पर है इनको सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हमारी है।
I4C में 795 संस्थान जुड़े
अमित शाह ने कहा, अब तक I4C में 795 संस्थान जुड़ चुके हैं. सभी संस्थान मिलकर काम करेंगे तो अच्छा रहेगा अगर पर्याप्त कदम नहीं उठाए तो साइबर क्राइम की समस्या और भी केस कर सकती है। बैंको को भी सतर्कता और एक्टीव होने की जरुरत है। कस्टमर सर्विस का भी ध्यान दें. उन्होंने बताया 30 नवंबर 2025 तक 23 करोड़ से ज़्यादा साइबर शिकायतें रिसीव हुईं, जिसमें एक लाख पचासी हजार एफआईआर दर्ज हुई हैं.
1930 हेल्पलाइ को ज्यादा प्रभावी बनाने की जरुरत
साइबर फ्रॉड की 8000 करोड़ से ज़्यादा की रकम बरामद की जा चुकी है. 20,853 से ज़्यादा साइबर अपराधी पकड़े गए हैं. हमें रिस्क कम करने के लिए साइबर अपराध का मुक़ाबला करने के लिए और तेज़ी लानी चाहिए. 1930 हेल्पलाइ को और भी ज्यादा प्रभावी बनाने की जरुरत है तुरंत सही रिस्पॉन्स करने की जरुरत है, अभी केस होने पर ज्यादा देर तक इस पर केस नही दर्ज होता है। इसलिए इसको औऱ भी ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा।
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