हिमाचल में फिर बरसेगा कहर बनकर मॉनसून: 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, सैकड़ों सड़कें बंद, जनजीवन ठप!

चंडीगढ़, 24 जुलाई: हिमाचल प्रदेश एक बार फिर से मॉनसून की तेज रफ्तार की चपेट में आने वाला है। मौसम विभाग की ओर से 26 जुलाई से लेकर 30 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस चेतावनी के तहत येलो अलर्ट लागू किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि लोगों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।

हालांकि फिलहाल यानी 24 और 25 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिससे कुछ राहत की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन इसके बाद बारिश की जो सघन लहर आने वाली है, वह जनजीवन को फिर से अस्त-व्यस्त कर सकती है।

अब तक कितनी बारिश, कहाँ हुई सबसे ज्यादा?

पिछले 24 घंटों में हिमाचल के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली और अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश कांगड़ा के नगरोटा सुरियाँ में 55 मिलीमीटर हुई। इसके अलावा प्रमुख वर्षा वाले स्थान इस प्रकार रहे:

  • नैना देवी (बिलासपुर) – 33 मिमी

  • गुलेर – 29 मिमी

  • नाहन – 28 मिमी

  • मुरारी देवी – 22 मिमी

  • घुमरूर – 19 मिमी

  • कसौली – 18 मिमी

  • भटियात – 14 मिमी

इस बारिश से लोगों को मामूली राहत जरूर मिली, लेकिन आगामी तेज़ बारिश की चेतावनी ने फिर चिंता बढ़ा दी है।

311 सड़कें बंद, राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित

भारी बारिश और उसके कारण हुए भूस्खलनों ने राज्य में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह जाम कर दिया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार:

  • कुल 311 सड़कें बंद हैं

  • मंडी जिले में सबसे ज्यादा – 184 सड़कें बाधित

  • कुल्लू में – 71 सड़कें बंद

  • सिरमौर में – 22 सड़कें ठप

  • नेशनल हाईवे-70 (मंडी के कोटली क्षेत्र में) पूरी तरह बंद

इस वजह से लोगों की आवाजाही और जरूरी आपूर्ति में भारी दिक्कतें आ रही हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट चुका है।

बिजली और पानी की आपूर्ति चरमराई

मूसलधार बारिश और भूस्खलनों के कारण प्रदेश की मूलभूत सुविधाएं भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं।

  • 65 बिजली ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह ठप

  • 221 पेयजल योजनाएं बंद

मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है:

  • 49 ट्रांसफॉर्मर खराब

  • 65 पेयजल योजनाएं बाधित

अन्य प्रभावित जिले:

  • चंबा: 10 ट्रांसफॉर्मर खराब, 60 जल योजनाएं बंद

  • कांगड़ा: 59 जल योजनाएं ठप

  • सिरमौर: 34 योजनाएं प्रभावित

गांवों और दूरदराज़ के इलाकों में लोग बिजली-पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशान हैं।

अब तक का मॉनसून: आपदाओं की लंबी फेहरिस्त

इस वर्ष का मॉनसून हिमाचल के लिए विनाशकारी साबित हो रहा है। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में:

  • 26 भूस्खलन की घटनाएं

  • 42 फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़)

  • 24 बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं

मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है:

  • 15 बार बादल फटे

  • 11 फ्लैश फ्लड

  • 4 भूस्खलन

इन आपदाओं से अब तक लाखों का नुकसान हो चुका है और कई स्थानों पर राहत व बचाव कार्य जारी हैं। पहाड़ी रास्तों और छोटे पुलों पर खतरा लगातार बना हुआ है।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

हिमाचल प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को अपील की जा रही है कि:

  • अनावश्यक यात्रा से बचें

  • नालों, नदियों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहें

  • स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें

  • किसी भी आपात स्थिति में राहत हेल्पलाइन से संपर्क करें