प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हिमाचल प्रदेश आज से आ/पदा/ग्रस्त प्रदेश घोषित हो गया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में आज इसका ऐलान किया. CM ने कहा, प्रदेश में स्थिति सामान्य होने पर आ/प/दा प्रभावित प्रदेश की नोटिफिकेशन को वापस लिया जाएगा। इसके चलते आज से प्रदेश में आ/पदा से जुड़े नियम लागू होंगे, आपको बतादें 28 अगस्त को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सरकार ने मानसून में प्राकृतिक आ/पदा को राष्ट्रीय आ/पदा घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था, जिसका विपक्ष ने भी समर्थन किया था। उसी के चलते आज हिमाचल को आ/पदा प्रदेश घोषित कर दिया गया है। सीएम सुक्खू ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में 21 अगस्त से मानसून पुनः सक्रिय हुआ. तब से आज तक प्रदेश के विभिन्न भागों में बारिश, बादल फ/टने, भूस्ख/लन की कई घटनाएं लगातार हो रही हैं.
सबसे अधिक प्रभावित जिले, चम्बा, कुल्लू, लाहौल स्पीती, मंडी, शिमला, कांगड़ा, हमीरपुर हुए हैं, सीएम सुक्खू ने कहा कि ”3 हजार 56 करोड़ का प्रारंभिक नुक/सान का अनुमान लगाया गया है. सबसे अधिक नुक/सान सड़कों, पुलों, पानी और बिजली की संरचनाओं को हुआ है.”मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में आ/पदा से हुई त्रा/स/दी के कारण आ/प/दा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत जिलों, राज्य व केंद्र सरकार के विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों, आधारभूत ढांचों के पुनर्निर्माण कार्यों को यु/द्ध स्तर बहाल करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.
अंधाधुंध निर्माण कार्यों पर लगाएं रोक – मुख्यमंत्री सीएम सुक्खू ने कहा कि “हिमाचल सहित सभी पहाड़ी राज्यों की पी/ड़ा, हमारी साझा पी/ड़ा है. यह सिर्फ भौगोलिक सं/कट नहीं, राष्ट्रीय चिंता का विषय भी है क्योंकि ग्लोबल वॉर्मिंग की मार सबसे ज़्यादा पहाड़ों पर पड़ती है. समय रहते चेतना और कार्रवाई, आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है,मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि अंधा/धुंध निर्माण कार्यों पर रोक लगाएं. क्योंकि हमारे पहाड़ सिर्फ़ पर्यटन स्थल नहीं, जीवन-रक्षा के स्तंभ हैं. आपदा में घर, पशुधन और खेती-बाड़ी को भारी नुक़/सान पहुंचा है. हमारी सरकार इस कठिन समय में प्रभा/वित भाइयों-बहनों के साथ खड़ी है. हम पुनर्वास के कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.” रिपोर्ट न्यूज पीडिया 24
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