शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ा झ/टका लगा है. आय से अधिक संपत्ति (DA) मामले में दाखिल उनकी जमानत याचिका को हाई कोर्ट ने खा/रिज कर दिया है. अब मजीठिया को राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है फिलहाल अभी तक इस मामले में कोर्ई ऑर्डर नही आया है। बतादें मजीठिया 6 जुलाई से नाभा जेल में हैं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें अमृतसर से गिर/फ्तार किया था।
मजीठिया पर भ्रष्टा/चार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
मजीठिया ने इस केस में राहत मिलने की उम्मीद से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था,
लेकिन कोर्ट ने दलीलों को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट रूप से कहा कि इस चरण में उन्हें बेल देने का कोई आधार नहीं बनता.
मजीठिया का मामला क्या है
मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला दर्ज है, जिसमें उन पर कथित तौर पर अपनी घोषित आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, निवेश करने और बेहिसाबी धन का उपयोग करने के आरोप हैं.
जांच एजेंसियां लंबे समय से उनकी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं.
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