“स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह” ने सफाई मित्रों को किया सम्मानित

पंचकूला, 7 अक्तूबर- महर्षि वाल्मीकि जयंती आज बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ‘संत महापुरूष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के अंतर्गत जिला प्रशासन के सहयोग से महर्षि वाल्मीकि का जिला स्तरीय समारोह पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस सेक्टर-1 में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री कुमारी आरती सिंह राव मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुई।

कार्यक्रम के आरंभ में स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मेयर  कुलभूषण गोयल, जिलाध्यक्ष अजय मित्तल, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवी नगर, उपायुक्त सतपाल शर्मा, एसडीएम चंद्रकांत कटारिया सहित अनेक  गणमान्य व्यक्तियों की विशेष उपस्थिति रही।

कुमारी आरती सिंह राव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती की बधाई एवं शुभकानाएं देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज को सत्य, मर्यादा और मानवता का ऐसा संदेश दिया, जो आज भी हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने रामायण जैसी महान और अमर रचना के माध्यम से हमें सिखाया कि व्यक्ति अपने कर्मों और आत्मबल से अपने जीवन को ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है, चाहे उसका जन्म किसी भी परिस्थिति में क्यों न हुआ हो। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि ज्ञान, साधना और सेवा के बल पर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है। वे केवल एक कवि नहीं, बल्कि समानता और सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में

संत महापुरूष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के माध्यम से समाज के हर वर्ग में समानता , शिक्षा और संस्कृति के प्रचार प्रसार का कार्य कर रही है।

महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्श यह प्ररेणा देते है कि हम समाज में समरसता, भाईचारा और मानवता का संदेश जन-जन तक पंहुचाए।

उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर महर्षि वाल्मीकि जी के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाए और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हम सबके  लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।

एक गरीब और साधारण परिवार में जन्में महर्षि वाल्मीकि ने दुनिया के सबसे प्रेरणादायक ग्रंथ रामायण की रचना की।

वे संस्कृत के विद्वान थे और उन्हेांने संस्कृत में रामायण महाकाव्य की रचना की जिसमे लगभग 24 हजार संस्कृत के श्लोक है ।

उन्होंने कहा की महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं और आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक है और हमारा मार्गदर्शन कर रहे है।

इस अवसर पर उन्होंने लोगों से महर्षि वाल्मीकि द्वारा दिखाए सत्य, समरसता और भाईचारे के मार्ग पर चलने का आह्वान किया ताकि हम भारत को पुन विश्वगुरु बना सके।

इस अवसर पर पार्षद हरेंद्र मलिक, राकेश वाल्मीकि और सफाई मित्र उपस्थित थे।