चंडीगढ़, 5 दिसंबर – हरियाणा खेल विश्वविद्यालय राई में आयोजित “आधुनिक खेल प्रबंधन का भारतीय मॉडल” कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खेल आज केवल खिलाड़ियों तक सीमित विषय नहीं रह गया, बल्कि यह एक विशाल रोजगार, नवाचार और विज्ञान-आधारित क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने देशभर से आए शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कॉन्फ्रेंस आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत के खेल क्षेत्र का एक मजबूत रोडमैप तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और इस लक्ष्य में खेल क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर राज्य की पहचान को नई ऊंचाई दी है। ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और यूनिवर्सिटी गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खिलाड़ियों ने देश का परचम लहराया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खेल प्रबंधन का भारतीयकरण केवल भारतीय प्रतीक या नाम अपनाना नहीं है, बल्कि अपने पारंपरिक खेल मूल्यों और आधुनिक वैज्ञानिक प्रबंधन को एकीकृत करना है।
उन्होंने बताया कि इस भारतीयकरण का आधार चार ‘M’—Modernity, Mindset, Management और Moral Values (आधुनिकता, मानसिकता, प्रबंधन और नैतिक मूल्य) हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय डेटा ड्रिवन, टेक-इनेबल्ड और साइंस सपोर्टेड स्पोर्ट्स का होगा, इसलिए भारतीय परिस्थितियों पर आधारित एक सशक्त प्रबंधन मॉडल विकसित करना अत्यावश्यक है।
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