चंडीगढ़, 11 जुलाई:
मुख्य बिंदु (संक्षेप में):
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पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था की समीक्षा हेतु हाई-लेवल मीटिंग
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फिरौती, नशा, महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
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थाना स्तर पर भी तय होगी जवाबदेही
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ड्यूटी पर शराब पीते पाए गए पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई
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जनता की शिकायतों पर जल्द समाधान के निर्देश
प्रदेश की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार देर शाम राज्य के शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगभग 4 घंटे लंबी हाई-लेवल बैठक की। बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए: “सिर्फ जिला स्तर नहीं, बल्कि थाना स्तर पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपराधिक गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी, तेजी से कार्रवाई और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की दिशा में गंभीरता से काम हो।
फिरौती और रंगदारी के मामलों पर मुख्यमंत्री की सख्ती
CM सैनी ने राज्य में फिरौती और जबरन वसूली के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और साफ शब्दों में कहा कि,
“ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस तंत्र तुरंत सक्रिय होकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।”
उन्होंने प्रत्येक जिले में विशेष “एक्सटॉर्शन सेल” बनाने के निर्देश दिए, जो इन अपराधों की गहन जांच करेगी और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए समर्पित होगी।
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
CM सैनी ने महिलाओं, खासतौर पर छात्राओं की सुरक्षा को टॉप एजेंडा पर रखते हुए निर्देश दिए कि:
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स्कूल-कॉलेज, विशेषकर कन्या विद्यालयों व महिला कॉलेजों की नियमित जांच हो
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छुट्टी के समय विशेष पुलिस पेट्रोलिंग की जाए
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छात्राओं से संवाद कर उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी जाए
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दुर्गाशक्ति फोर्स को भीड़भाड़ वाले इलाकों में अधिक सक्रिय किया जाए
अधिकारियों ने जानकारी दी कि विभिन्न हॉटस्पॉट और संवेदनशील रूट चिह्नित किए जा चुके हैं, जहां विशेष गश्त लगाई जा रही है।
थानों में पारदर्शिता और नागरिकों के लिए जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि:
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थाने में शिकायत दर्ज करवाने आए नागरिकों को तुरंत रिसिप्ट दी जाए
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हर शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई हो
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जन संवाद पोर्टल पर नियमित प्रगति अपडेट की जाए
उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली ज़िम्मेदारी है कि हर शिकायतकर्ता को न्याय मिले, वो भी समय पर और पारदर्शिता के साथ।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
CM सैनी ने हरियाणा में ‘नशा मुक्त प्रदेश’ अभियान को गति देने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा:
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हर जिले में नशा रोकथाम की जिम्मेदारी तय हो
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पुलिस न केवल तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई करे, बल्कि युवाओं को जागरूक भी करे
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NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों की नियमित समीक्षा की जाए
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अभियोजन तेज हो ताकि अपराधी जल्द सजा पाएं
ड्यूटी के दौरान शराब पीने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
CM ने पुलिसकर्मियों की कार्यशैली और अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा:
“यदि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी के समय या वर्दी में शराब पीते पाया गया, तो उस पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
“अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
जनता से जुड़ाव और संवाद की संस्कृति को बढ़ावा
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने अधिकारियों से कहा:
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सीधे जनता से संवाद करें
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एक्सटॉर्शन सेल सक्रिय रखें
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सभी थानों का निरीक्षण नियमित करें
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अपराधों की सतत मॉनिटरिंग और त्वरित जांच सुनिश्चित करें
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि थानों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हर शिकायत की तुरंत रिसिप्ट दी जाए, ताकि जनता को न्याय में देरी न हो।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहा?
बैठक में हरियाणा पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, महाधिवक्ता, मुख्य सचिव, गृह विभाग की वरिष्ठ अधिकारी, और जिलों से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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