चंडीगढ़, 10 जुलाई: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जो छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए काफी अहम है। आगामी श्रावण कांवड़ यात्रा 2025 को देखते हुए, हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आदेश जारी कर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 14 जुलाई से 23 जुलाई तक के लिए पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है।
इस दौरान सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। यह कदम कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया गया है।
किस-किस पर लागू होगा यह आदेश?
यह आदेश हरिद्वार जिले के अंतर्गत आने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों पर प्रभावी रहेगा:
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कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल
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सभी डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालय
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तकनीकी/प्राविधिक संस्थान
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सभी आंगनबाड़ी केंद्र
ऑनलाइन पढ़ाई रहेगी जारी
हालांकि शिक्षण संस्थान इस अवधि में भौतिक रूप से बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए हैं। यानी छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह से बंद नहीं होगी।
संस्थान यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्र डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे Google Meet, Zoom या व्हाट्सएप के माध्यम से पढ़ाई से जुड़े रहें।
कांवड़ यात्रा क्यों बनती है वजह?
श्रावण मास में हर वर्ष उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार में गंगाजल लेने पहुंचते हैं। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 11 जुलाई 2025 से शुरू हो रही है, और 23 जुलाई तक चलने की संभावना है।
इस दौरान:
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सड़कों पर भीड़ का दबाव चरम पर होता है
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यातायात डायवर्जन और बंदिशें लागू होती हैं
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छात्र-छात्राओं का विद्यालय तक पहुँचना कठिन हो जाता है
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सुरक्षा संबंधी जोखिम काफी बढ़ जाते हैं
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए यह अवकाश घोषित किया गया है।
अधिकारियों की तैयारी और निर्देश
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प्रशासन ने स्कूल प्रबंधनों से ऑनलाइन शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती से लागू करने को कहा है।
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अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस दौरान बच्चों को भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रखें।
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किसी भी जरूरी जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहें।
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