चंडीगढ़, 23 जून: सनातन धर्म में नवरात्रि के नौ दिन अत्यंत पावन माने जाते हैं, लेकिन वर्ष में दो बार आने वाली गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से रहस्यमयी और आध्यात्मिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस बार गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 26 जून 2025, बुधवार से होगा, और इसका समापन 4 जुलाई 2025, गुरुवार को होगा। यह समय उन साधकों के लिए विशेष होता है जो गुप्त और तांत्रिक साधनाओं द्वारा अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति की इच्छा रखते हैं।
क्या है गुप्त नवरात्रि और क्यों होती है विशेष?
गुप्त नवरात्रि, जो आषाढ़ और माघ मास में पड़ती है, आम नवरात्रि से अलग होती है। इसमें माता दुर्गा की दस महाविद्याओं की गुप्त पूजा और तांत्रिक उपासना की जाती है। यह साधना रात्रिकाल में, एकांत में, चुपचाप और विशेष नियमों का पालन करते हुए की जाती है।
इस दौरान की गई साधनाएं और जप –
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बाधाओं को दूर करने,
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नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करने,
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मनोकामनाओं की पूर्ति करने,
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और सिद्धियों की प्राप्ति हेतु
अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
गुप्त नवरात्रि 2025 की तिथि और शुभ समय
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प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 25 जून 2025, शाम 4:00 बजे
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प्रतिपदा तिथि समाप्त: 26 जून 2025, दोपहर 1:24 बजे तक
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घटस्थापना का शुभ समय: 26 जून को दोपहर तक सर्वार्थ सिद्धि योग में करना अत्यंत मंगलकारी रहेगा।
गुप्त नवरात्रि के दौरान अपनाएं ये जरूरी नियम
गुप्त नवरात्रि के 9 दिन अत्यंत पवित्र होते हैं। इसलिए साधक को इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
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व्रत रखें — फलाहार या निराहार रहना श्रेष्ठ होता है।
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हर दिन दुर्गा चालीसा, सप्तशती या देवी कवच का पाठ करें।
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मां को लाल फूल, लौंग, बताशे और हलवा का भोग लगाएं।
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“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चे” या कोई शक्तिशाली बीज मंत्र 108 बार जपें।
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लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा, हल्दी और जौ जैसे तमसिक पदार्थों से परहेज़ करें।
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इस अवधि में काले चमड़े के वस्त्र, बेल्ट या जूते न पहनें और न ही नाखून काटें।
गुप्त नवरात्रि में करें ये खास उपाय – चुपचाप करें, चमत्कार खुद दिखेगा
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काली हल्दी का चमत्कारी उपाय
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एक पीले कपड़े में काली हल्दी, गौमती चक्र और एक चांदी का सिक्का लपेट लें और अपने पर्स या तिजोरी में रखें।
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यह उपाय मां लक्ष्मी की कृपा को बनाए रखता है और आर्थिक स्थिति को स्थिर करता है।
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रात्रि में दीपक जलाने का रहस्यपूर्ण उपाय
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रात को सुनसान स्थान पर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
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यह कार्य चुपचाप करें। इससे शत्रु शांत होते हैं और मानसिक मुरादें पूरी होती हैं।
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काल भैरव की विशेष पूजा
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किसी मंगलवार या रविवार को काल भैरव मंदिर जाकर नारियल चढ़ाएं।
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“ॐ भैरवाय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें। यह उपाय तंत्र बाधा और बुरी नजर से रक्षा करता है।
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108 नामों का जाप – आधी रात का चमत्कार
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रात में एकांत और शांत वातावरण में मां दुर्गा के 108 नामों का जाप करें।
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इससे अदृश्य शक्तियों का आशीर्वाद मिलता है और आत्मबल में वृद्धि होती है।
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कुबेर यंत्र स्थापना – धनवृद्धि का रहस्य
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गुप्त नवरात्रि की किसी भी रात को कुबेर यंत्र को स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें।
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दीपक, धूप और फूलों के साथ पूजन करें। इससे समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।
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सिंदूर और चांदी के सिक्के का सौभाग्य उपाय
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एक पान के पत्ते पर सिंदूर लगाकर एक चांदी का सिक्का लपेटें।
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इसे देवी को चढ़ाकर वापस अपने पर्स में रखें। यह उपाय सौभाग्य और विवाह योग को मजबूत करता है।
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सावधानियां जो भूलकर भी न करें
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बिना गुरु के किसी तांत्रिक प्रक्रिया में न पड़ें।
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दिखावा न करें, गुप्त नवरात्रि की साधना जितनी गोपनीय रहे, उतनी ही फलदायी मानी जाती है।
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पूजा के समय किसी से बातचीत न करें। एकाग्रता सबसे जरूरी है।
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