चंडीगढ़, 21 जून: योग के क्षेत्र में भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी शक्ति और एकजुटता का प्रदर्शन किया है। गुजरात के वडनगर में 2121 प्रतिभागियों ने एक साथ कोबरा पोज (भुजंगासन) में दो मिनट और नौ सेकंड तक स्थिर रहकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर हुआ, और इसकी गूंज अब पूरे विश्व में सुनाई दे रही है।
रिकॉर्ड जोड़ा इतिहास में एक नया पन्ना
22 जून 2025, शनिवार को वडनगर के एक विशाल मैदान में सुबह से ही खास तैयारियां शुरू हो गई थीं। यह कोई आम योग सत्र नहीं था, बल्कि इसका मकसद था—दुनिया में पहली बार सबसे अधिक लोगों को एक साथ कोबरा पोज करते हुए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराना।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक प्रतिनिधि रिचर्ड स्टनिंग खुद मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए कुछ दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए थे:
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कम से कम 100 प्रतिभागियों का भाग लेना अनिवार्य था।
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सभी को कम से कम एक मिनट तक कोबरा मुद्रा (Cobra Pose) में रहना था।
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मुद्रा को सही ढंग से और समन्वय में करना जरूरी था।
आश्चर्य की बात यह रही कि 2185 प्रतिभागियों ने कोबरा पोज में न केवल एक मिनट, बल्कि पूरे दो मिनट और नौ सेकंड तक एक साथ स्थिर रहकर योग किया। हालांकि तकनीकी कारणों से 64 प्रतिभागियों को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया, फिर भी 2121 लोगों के अद्भुत समर्पण ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को संभव बना दिया।
रिचर्ड स्टनिंग बोले – “यह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, एक प्रेरणा है”
गिनीज प्रतिनिधि रिचर्ड स्टनिंग ने कहा:
“आज का दिन इतिहास में दर्ज हो गया है। यह रिकॉर्ड न सिर्फ संख्याओं का है, बल्कि यह समर्पण, अनुशासन और योग के महत्व को दर्शाने वाला उदाहरण भी है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि यह रिकॉर्ड आज से गिनीज बुक में दर्ज होना शुरू हो गया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
कोबरा पोज: क्या है इसका महत्व?
भुजंगासन या कोबरा पोज योग की एक महत्वपूर्ण मुद्रा है जो शरीर के लचीलापन, रीढ़ की मजबूती और मानसिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती है। इसे करने से:
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रीढ़ मजबूत होती है,
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पीठ और गर्दन की मांसपेशियों को राहत मिलती है,
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तनाव कम होता है,
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और फेफड़े खुलकर सांस लेने की क्षमता बढ़ती है।
कोबरा पोज में इतने लोगों का एक साथ 2 मिनट से ज्यादा तक रहना, केवल फिजिकल फिटनेस ही नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता और समन्वय का भी प्रमाण है।
सरकार के नेता भी भावुक
इस आयोजन की उपलब्धि पर गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने खुशी जताई और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा:
“भारत ने योग को पूरी दुनिया को उपहार के रूप में दिया है, और आज उसकी शक्ति फिर से प्रमाणित हो गई। पीएम मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर जो पहचान दिलाई है, उसका परिणाम हम देख रहे हैं।”
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग करते हुए कार्यक्रम की सराहना की।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम में आयोजित मुख्य योग कार्यक्रम में लाखों लोगों के साथ योग किया और राष्ट्र को स्वास्थ्य, शांति और अनुशासन का संदेश दिया।
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