गुरुवार की पूजा से पाएं भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है कहते है भगवान विष्णु सुख समृद्दि के देवता है उनकी पूजा में विष्णु की पत्नी माता लक्ष्मी की पूजा करने से भक्तों के जीवन में उनका आर्शीवाद मिलता है।

भगवान विष्णु को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गुरुवार का दिन उत्तम माना जाता है. क्योंकि इस दिन किए गए पूजा-पाठ से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं. साथ ही मां लक्ष्मी को शास्त्रों में धन-वैभव की देवी भी कहा गया है. ऐसे में गुरुवार के दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने के आशीर्वाद प्राप्त होता है और व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है।

पूजा की विधि

गुरुवार के दिन सवेरे नहा कर साफ कपड़े पहने फिर पूजा के लिए एक चौकी तैयार करें. इसपर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. अब गंगाजल से अभिषेक करें और भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं. ओम भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करते हुए भगवान को रोली, अक्षत, चंदन, धूप, गंध, दीप, पीले फूल, पीले फल और मिठाई का भोग लगाएं. भगवान को चने की दाल और गुड़ का भोग जरूर अर्पित करें. साथ ही तुलसी दल भी चढ़ाएं. तुलसी दल के बिना भगवान विष्णु की कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है.

मां लक्ष्मी को सिंदूर और रोली चंदन का तिलक लगाएं और माता को लाल फूल, अक्षत, धूप, दीप, फल, सुपारी , भोग अर्पित करें. गुरुवार के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना उत्तम होता है. यदि आप गुरुवार व्रत कर रहे हैं तो गुरुवार की व्रत कथा जरूर पढ़ें या सुनें. आखिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी जी की आरती करें.

मान्यता है  गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के बाद केले के पौधे की भी पूजा जरूर करें. केले के पौधे में जल चढ़ाएं और गुड़ चना भी जल में डाले। फूल-भोग अर्पित कर घी का दीपक जलाएं. इस तरह विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान विष्णु प्रसन्न होंगे और मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होगी और भक्तों को उनका आर्शिवाद जरुर मिलता है।