चंडीगढ़, 17 मई: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश के संगीत प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया है। असमिया संगीत को अपनी भावपूर्ण आवाज़ और अनोखी गायकी से नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने वाली लोकप्रिय गायिका गायत्री हजारिका अब इस दुनिया में नहीं रहीं। मात्र 44 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, जिससे उनके प्रशंसकों, सहयोगियों और संगीत से जुड़ी पूरी बिरादरी को गहरा आघात पहुँचा है।
कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद विदाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गायत्री हजारिका पिछले कुछ समय से कोलन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उन्हें गुवाहाटी के नामी नेमकेयर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि बीते तीन दिनों से वे अस्पताल में थीं और उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। शुक्रवार को तबीयत और ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद शनिवार दोपहर करीब 2:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने बताया कि कैंसर की यह लड़ाई लम्बी और बेहद मुश्किल थी, लेकिन अंततः वह इस बीमारी के आगे हार गईं।
असम और देश भर में शोक की लहर
गायत्री हजारिका के निधन की खबर जैसे ही सामने आई, पूरे संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों ने भावुक श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें याद किया। प्रशंसकों ने उनकी सुरीली आवाज़, भावपूर्ण प्रस्तुति और उनके मिलनसार स्वभाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ संगीत दिया, बल्कि आत्मा को छू लेने वाला जादू बिखेरा।
कलाकारों और नेताओं ने जताया शोक
सिर्फ प्रशंसक ही नहीं, बल्कि संगीत और राजनीति जगत से भी कई हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया। असम के मुख्यमंत्री ने एक भावुक संदेश में कहा, “गायत्री हजारिका का जाना हमारे संगीत समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने असमिया संगीत को एक नई पहचान दी थी, और उनकी यह विरासत हमेशा जीवित रहेगी।”
एक कलाकार, जिसकी धड़कनों में था संगीत
गायत्री हजारिका ने असमिया संगीत को सिर्फ मंच पर ही नहीं, बल्कि जन-जन के दिलों में भी उतारा था। उनकी गायकी में एक खास तरह की मासूमियत और भावनाओं की गहराई थी, जो सीधे दिल में उतर जाती थी। उन्होंने पारंपरिक लोकगीतों से लेकर आधुनिक संगीत तक, हर शैली में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी मुस्कान, सादगी और सुरों की मिठास आज भी हर किसी की यादों में ताजा है।
उनके संगीत की गूंज हमेशा रहेगी
गायत्री हजारिका भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संगीत आने वाली कई पीढ़ियों तक गूंजता रहेगा। उन्होंने जिस समर्पण और प्यार के साथ संगीत को जिया, वह हर उभरते कलाकार के लिए प्रेरणा है। उनका जीवन एक मिसाल है कि कैसे कठिनाइयों के बावजूद भी कला को संजोया और निभाया जा सकता है।
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