चंडीगढ़, 20 जून: हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है, और शुक्रवार का दिन विशेष रूप से देवी लक्ष्मी को अर्पित माना जाता है। देवी लक्ष्मी को धन, वैभव, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन, श्रद्धा और विधि-विधान से शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करता है और कुछ विशेष उपायों को अपनाता है, तो उसके जीवन से दरिद्रता, आर्थिक संकट और दुर्भाग्य दूर हो सकते हैं।
आइए जानते हैं शुक्रवार को किए जाने वाले कुछ अत्यंत प्रभावशाली और सरल उपाय, जिनसे जीवन में सुख, शांति और स्थायी लक्ष्मी का वास होता है—
शुक्रवार को किए जाने वाले खास उपाय (Shukrawar Ke Upay)
1. गुलाबी वस्त्र पहनकर करें पूजा
शुक्रवार की सुबह स्नान के बाद गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें। यह रंग माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। फिर साफ स्थान पर देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संग-साथ पूजा करें।
2. श्री लक्ष्मी द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करें
पूजन के समय देवी लक्ष्मी के 12 पावन नामों का स्मरण करें। इन नामों का उच्चारण करने मात्र से धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।
देवी लक्ष्मी के 12 नाम इस प्रकार हैं:
ईश्वरी, कमला, लक्ष्मी, चला, भूति, हरिप्रिया, पद्मा, पद्मालया, संपद्, रमा, श्री, पद्मधारिणी।
“द्वादशैतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्य य: पठेत्।
स्थिरा लक्ष्मीर्भवेत्तस्य पुत्रदारादिभिस्सह।”
इस स्तोत्र के पाठ से माता लक्ष्मी की कृपा स्थायी रूप से प्राप्त होती है।
3. कमल का फूल और एकाक्षी नारियल अर्पित करें
शुक्रवार को कमल का पुष्प और एकाक्षी नारियल माता लक्ष्मी को चढ़ाएं। यह उपाय धन, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति में अत्यंत सहायक है।
4. सफेद वस्तुओं का दान करें
मां लक्ष्मी को सफेद वस्तुएं अत्यंत प्रिय हैं। इस दिन यदि आप किसी जरूरतमंद को दूध, सफेद मिठाई, चीनी, चावल या गेहूं का आटा दान करते हैं, तो इससे देवी प्रसन्न होती हैं और जीवन से दरिद्रता मिटती है।
5. काली चींटियों को आटा या चीनी डालें
घर के बाहर या किसी खुले स्थान पर काली चींटियों को चीनी अथवा आटा डालें। यह बहुत सरल लेकिन प्रभावी उपाय है जो पुराने कर्मों के दोषों को शांत करता है और आर्थिक बाधाएं दूर करता है।
6. जरूरतमंदों की सहायता करें
किसी गरीब, वृद्ध, विधवा या रोगी व्यक्ति की मदद करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह सेवा भाव स्वयं भगवान विष्णु को भी प्रिय है।
7. मां लक्ष्मी को 16 श्रृंगार का अर्पण करें
शुक्रवार की शाम को माता लक्ष्मी को 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें – जैसे काजल, चूड़ी, बिंदी, इत्र, सिंदूर, दर्पण आदि। इसके बाद श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें।
यह उपाय वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाता है और आर्थिक स्थिरता में सहायक होता है।
इन सभी उपायों के साथ सच्ची श्रद्धा, मन की पवित्रता और नियमितता बहुत आवश्यक है। व्रत हो या पूजन, यदि वह दिखावे या लालच से किया जाए तो उसका प्रभाव नहीं होता। लेकिन यदि श्रद्धा से किया जाए तो असंभव भी संभव हो जाता है।
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