शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।
सुप्रिम कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। इस बीच, अदालत ने मजीठिया की जेल में सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। वह अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।
बतादे इस केस की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और कोर्ट ने अगली तारीख निर्धारित कर दी।
बिक्रम मजीठिया तीन बार विधायक रह चुके है, 25 जून को अमृतसर स्थित उनके आवास और 25 अन्य ठिकानों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस टीम ने इस दौरान डिजिटल उपकरण, प्रॉपर्टी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए।
यह मामला 2013 की ईडी जांच से जुड़ा है, जिसमें 6,000 करोड़ रुपए के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ था। हालांकि अदालतों ने ड्रग से जुड़े आरोप बाद में खारिज कर दिए, लेकिन मौजूदा मामले में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मुख्य विषय हैं। मजीठिया 25 जून से जेल में है।
वही विजिलेंस ने 700 करोड़ का अवैध और बेमानी संपत्ति का खुलासा चार्जशीट में किया है और पंजाब, हरियाणा,हिमाचल, यूपी औऱ दिल्ली में 15 ठिकानों की जांच के बाद चार्जशीट तैयार की गई वही चार्जशीट में कई बीजेपी और अकाली नेताओं के भी बयान दर्ज है।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को कोई राहत नहीं दी है, और अब पूरे मामले की सुनवाई 2 फरवरी को होगी।
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