हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन अत्यंत ही शुभ माना गया है क्योंकि यह जगत के पालनहार माने वाले भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित है. ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति गुडलक के कारक माने जाते हैं और जिस किसी पर भी उनका आशीर्वाद बरसता है उसे जीवन में मान-सम्मान और सुख-सौभाग्य प्राप्त होता है
भगवान बृह्स्पति सुख औऱ समृद्दि के देवता माने जाते है, कहते है इस दिन व्यक्ति को खास बातों का ख्याल रखना चाहिए, क्योकि बृह्पति देव इससे नाराज भी हो सकते है इसलिए कुछ नियम जो सामान्य होते है उनका पालन हम सभी को करना चाहिए। हिंदू मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन साबुन, शैंपू आदि को लगाकर न तो नहाना और न ही बाल धोना चाहिए. शादी शुदा महिलाओं को तो भूलकर भी अपने बाल नहीं धोना चाहिए. मान्यता है कि इस नियम की अनदेखी करने वाली महिलाओं के वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती है.
गुरुवार के नियम
गुरुवार के दिन कपड़े धोना और उसे प्रेस करवाना भी शुभ नहीं माना जाता है.
ऐसा करने पर धन की हानि होने की आशंका बनी रहती है.
गुरुवार के दिन घऱ में पोछां नही लगवाते है,
गुरुवार को धन संबंधी परेशानी से बचने के लिए किसी को उधार न दें और कोई बड़ा लेन-देन न करें, वरना आर्थिक संकट आ सकता है
घर के लिए कोई नया सामान या संपत्ति खरीदने से भी बचें.
गुरुवार के दिन सात्त्विक भोजन करना चाहिए और तामसिक भोजन से पूरी तरह बचना चाहिए
इस दिन चने की दाल, बेसन से बने पदार्थ, केला और पीले रंग के खाद्य पदार्थ खाना शुभ माना जाता है.
इन नियमो का ख्याल आप भी रखिए और भगवान बृह्स्पति देव की कृपा पाएं।
गुरुवार के इन मंत्रो का भी जाप आप कर सकते है।
- बृहस्पतिदेव का मंत्र: “ॐ गुरवे नमः”
- बृहस्पतिदेव का बीज मंत्र: “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
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