मीडिया और सोशल मीडिया पर देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) और अदाणी समूह की कंपनियों में किए गए निवेश को लेकर पिछले कुछ दिनों से कई तरह की चर्चाएं थीं। सोशल मीडिया पर बार-बार सवाल उठ रहा था कि क्या LIC ने यह निवेश सरकार के दबाव में किया था। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए संसद में एक बड़ा बयान दिया है।
वित्त मंत्री ने लोकसभा मे सवाल के लिए लिखित जवाब में कहा कि फाइनेंस मिनिस्ट्री LIC फंड के इन्वेस्टमेंट से जुड़े मामलो में LIC को कोई निर्देश जारी नही करती है ,
उन्होंने कहा कि सरकारी इंश्योरेंस कंपनी के इन्वेस्टमेंट के फैसले सिर्फ LIC ही सख्त ड्यू डिलिजेंस, रिस्क असेसमेंट और फिड्यूशरी कम्प्लायंस के बाद लेती है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान
“वित्त मंत्री ने यह साफ कहा कि वित्त मंत्रालय, एलआईसी को किसी भी तरह की सलाह या निर्देश जारी नहीं करता.
यानी एलआईसी जहां निवेश करती है, वह उसका खुद का फैसला होता है और सरकार इसमें दखल नहीं देती”
LIC पहले ही साफ कर चुकी है बात
इससे पहले इस मामले में सफाई देते हुए लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (LIC) ने पहले ही कहा है कि अदाणी ग्रुप की कंपनियों में उसका इन्वेस्टमेंट स्वतंत्र रूप से बोर्ड से मंज़ूर पॉलिसी के अनुसार
सभी कानूनों का पालन करने के बाद किया गया है। LIC ने एक बयान में कहा था कि डिपार्टमेंट ऑफ़ फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ (फ़ाइनेंस मिनिस्ट्री) या किसी दूसरी बॉडी का ऐसे इन्वेस्टमेंट के फ़ैसलों में कोई रोल नहीं होता है।
LIC ने अपनी सफाई में ये भी कहा था कि कंपनी ने ‘ड्यू डिलिजेंस’ के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड्स का ध्यान रखा है और इसके सभी इन्वेस्टमेंट के फैसले मौजूदा पॉलिसी, एक्ट्स के प्रोविजन और रेगुलेटरी गाइडलाइंस के हिसाब से सभी स्टेकहोल्डर्स के हित में लिए गए हैं।
LIC के पास किसके कितने शेयर?
LIC के पास अदाणी की कंपनियों में करीब 4 परसेंट (60,000 करोड़ रुपये) शेयर हैं इसके साथ ही उसके पास अन्य कंपनियों के शेयरस् है।
Top Tags