चंडीगढ़, 26 जून: देशभर में हाईवे टोल पेमेंट को डिजिटल और आसान बनाने वाला FASTag अब केवल टोल बूथ तक सीमित नहीं रहेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसे एक मल्टी-यूज़ प्लेटफॉर्म में बदलने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। भविष्य में FASTag का इस्तेमाल आप पार्किंग फीस चुकाने, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, और यहां तक कि वाहन बीमा प्रीमियम भुगतान जैसे कामों के लिए भी कर सकेंगे।
IHMCL और फिनटेक कंपनियों की मीटिंग: रोडमैप पर चर्चा
बुधवार को इस दिशा में एक अहम कदम उठाया गया, जब इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने देश की प्रमुख फिनटेक कंपनियों के साथ एक बैठक की। इस मीटिंग में निम्न बिंदुओं पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ:
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फास्टैग के बहुउपयोगी मॉडल की व्यवहार्यता
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यूजर डेटा की प्राइवेसी और सिक्योरिटी फीचर्स
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कानूनी और तकनीकी ढांचा
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एकीकृत प्लेटफॉर्म पर बेहतर यूजर अनुभव (UX) कैसे संभव हो
टेक्नोलॉजी: मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग की दिशा में एक और कदम
बैठक में फिनटेक कंपनियों को Multilane Free Flow Tolling (MLFF) सिस्टम से भी परिचित कराया गया। यह तकनीक टोल बूथ पर बिना रुके, गाड़ियों को पहचान कर स्वचालित भुगतान की सुविधा देती है।
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इसमें RFID टैग और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरा टेक्नोलॉजी का उपयोग होता है।
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भविष्य में यह टेक्नोलॉजी टोल बूथ के झंझट को पूरी तरह खत्म कर सकती है।
फास्टैग की मौजूदा स्थिति
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देशभर के 1,728 टोल प्लाजा पर FASTag सिस्टम सक्रिय
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98.5% टोल कलेक्शन डिजिटल माध्यम से
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अब तक 11.04 करोड़ से अधिक FASTag जारी किए जा चुके हैं
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तेजी से बढ़ती इसकी पहुंच और स्वीकार्यता
नितिन गडकरी की सोच: FASTag को बनेगा मोबिलिटी का आधार
केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इस पहल को देश की डिजिटल ट्रांसपोर्ट संरचना की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा:
“FASTag को एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है जो सिर्फ टोल नहीं, बल्कि ट्रैवल, पार्किंग, चार्जिंग, बीमा और दूसरी कई सेवाओं के भुगतान के लिए इस्तेमाल किया जा सके।”
क्या-क्या होगा FASTag से संभव?
✅ टोल भुगतान
जैसा अब तक हो रहा है – हाइवे, एक्सप्रेसवे पर
✅ पार्किंग भुगतान
मॉल, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन या निजी पार्किंग स्पेस में ऑटोमैटिक कटौती
✅ EV चार्जिंग स्टेशन पर भुगतान
चार्जिंग मशीन से फास्टैग स्कैन कर तुरंत पेमेंट
✅ बीमा प्रीमियम भुगतान
FASTag वॉलेट से सीधे इंश्योरेंस कंपनियों को रकम भेजना
✅ वाहन से जुड़ी सेवाओं का पेमेंट
फिटनेस फीस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, रोड टैक्स आदि
इस बदलाव से होगा क्या फायदा?
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लोगों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से कई काम करने की सुविधा
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कैशलेस और टचलेस ट्रांजैक्शन में बढ़ोतरी
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ट्रैफिक कम होने से स्मूद ट्रैवल अनुभव
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फिनटेक कंपनियों और सरकार के बीच बेहतर सहयोग और इनोवेशन
चुनौतियां भी होंगी सामने
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देशभर में नए सिस्टम की टेक्नोलॉजिकल इंटीग्रेशन
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डेटा सुरक्षा और साइबर फ्रॉड की संभावना
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हर शहर में EV चार्जिंग और पार्किंग सिस्टम को फास्टैग से जोड़ना
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कस्टमर अवेयरनेस और टेक्नोलॉजी अपनाने की दर
कब तक हो सकती है शुरुआत?
हालांकि अभी कोई आधिकारिक लॉन्च डेट सामने नहीं आई है, लेकिन IHMCL और NHAI के प्रयासों से यह प्रोजेक्ट 2025 की पहली छमाही में चरणबद्ध रूप से शुरू किया जा सकता है।
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