चंडीगढ़, 26 जून: हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में यह दावा किया जा रहा था कि 15 जुलाई से दोपहिया वाहनों यानी बाइक और स्कूटर से टोल टैक्स वसूला जाएगा। इस खबर ने आम जनता, खासकर रोज़ बाइक से आने-जाने वाले लोगों में चिंता और भ्रम पैदा कर दिया। लेकिन अब केंद्र सरकार की ओर से इस पर स्पष्ट और आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है।
क्या दावा किया गया था?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार जल्द ही बाइक-स्कूटर जैसे दोपहिया वाहनों से भी टोल टैक्स वसूलने की योजना बना रही है और यह नियम 15 जुलाई 2025 से लागू होगा।
सच क्या है?
यह दावा पूरी तरह झूठा, भ्रामक और बेबुनियाद है।
सरकार और मंत्री की स्पष्ट प्रतिक्रिया:
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खुद इस खबर का खंडन करते हुए 26 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस तरह का कोई भी निर्णय प्रस्तावित नहीं है। दोपहिया वाहनों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट पहले की तरह ही जारी रहेगी।”
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गडकरी ने यह भी कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा फैलाई गई ऐसी खबरें पूरी तरह तथ्यहीन हैं और समाज में अनावश्यक भ्रम और भय उत्पन्न कर रही हैं। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदार पत्रकारिता का उदाहरण बताया।
NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) का स्पष्टीकरण:
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NHAI ने भी आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया:
“भारत सरकार की ओर से दोपहिया वाहनों पर टोल टैक्स लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह खबर पूरी तरह फर्जी है।”
तो क्या कोई नई योजना आई है?
हां, लेकिन वह दोपहिया वाहनों से संबंधित नहीं है।
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18 जून को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने फास्टैग पास स्कीम की घोषणा की थी, जो दैनिक यात्रा करने वालों के लिए है।
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यह योजना उन लोगों को राहत देगी जो रोज़ मेट्रो शहरों या आस-पास के क्षेत्रों से टोल प्लाज़ा पार करते हैं।
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इस योजना के तहत तय दूरी और वैधता के आधार पर यात्री पास स्कीम के जरिये छूट प्राप्त कर सकते हैं, जिससे बार-बार टोल भुगतान से छुटकारा मिलेगा।
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