मनरेगा रोकने पर दुष्यंत चौटाला का हमला, श्वेत पत्र की मांग

चंडीगढ़, 19 दिसंबर। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा मनरेगा का काम रोकने पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्वेत पत्र जारी करके हरियाणा की जनता को बताएं कि उन्होंने क्यों पत्र लिखकर आदेश जारी किए ? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अभी तक मनरेगा समाप्त नहीं की गई है, लेकिन सीएम ने अनुमति के बाद ही दोबारा काम शुरू करने के आदेश दिए है। पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि बीजेपी गरीब लोगों के रोजगार के अवसर छीनने में लगी हुई है। वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल में धन्यवादी दौरे के दौरान पत्रकारों से रूबरू थे। वहीं उन्होंने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को बेतुका बताया।

पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार में प्रदेश के हालात बद से बदतर हो गए है। उन्होंने कहा कि सरकार का न तो कानून व्यवस्था पर कोई कंट्रोल है और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को मिल रहा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पूर्व गठबंधन सरकार ने बीपीएल परिवार की आय सीमा की शर्त को 1.20 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपए किया था, जिसके चलते बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ी,

लेकिन मौजूदा बीजेपी सरकार लाखों बीपीएल कार्ड काटकर गरीब लोगों के अधिकारों का हनन कर रही है। इसी तरह आज किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुआवजे की देरी के लिए बीजेपी सरकार पटवारियों पर ठीकरा फोड़ रही है, जबकि सर्वे में देरी होना बीजेपी सरकार की विफलता है। दुष्यंत ने कहा कि आजकल तो डिजिटल तकनीक से फसल खराबे का सर्वे बिना देरी के हो जाता है।

उन्होंने ये भी कहा कि हमने सरकार में रहते हुए प्रत्येक बाढ़ पीड़ित किसान व नागरिक को बिना देरी मुआवजा दिया था, लेकिन अब बीजेपी सरकार ने अधिकतम किसानों को मुआवजे से वंचित रखा है।