ट्रंप का नया दांव: 14 देशों पर टैरिफ, लेकिन भारत को दी समझौते की उम्मीद!

चंडीगढ़, 8 जुलाई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता जल्द सामने आ सकता है। हालांकि, इस उम्मीद के साथ-साथ उन्होंने 14 अन्य देशों पर नए व्यापारिक शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा कर दी है, जिससे वैश्विक व्यापार वातावरण में एक बार फिर तनाव बढ़ने की संभावना है।

ट्रंप ने यह टिप्पणी वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान की। उन्होंने कहा,

“हमने यूनाइटेड किंगडम और चीन के साथ समझौता कर लिया है। अब हम भारत के साथ भी बहुत करीब हैं।”

कौन से देश प्रभावित हुए और कितना टैरिफ?

ट्रंप प्रशासन ने जिन 14 देशों पर नए टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है, उनमें शामिल हैं:

  • बांग्लादेश

  • जापान

  • दक्षिण कोरिया

  • थाईलैंड

  • म्यांमार

  • लाओस
    …और अन्य एशियाई और दक्षिण अमेरिकी देश

इन टैरिफ की दरें देश और उत्पाद के हिसाब से अलग-अलग होंगी, लेकिन कुछ देशों पर 40% तक का आयात शुल्क लगाया जा सकता है। खासतौर पर म्यांमार और लाओस इस निर्णय से बुरी तरह प्रभावित होंगे।

1 अगस्त से लागू होंगे नए नियम

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 1 अगस्त से ये नए व्यापार नियम और टैरिफ लागू होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई देश बातचीत का नया रास्ता सुझाता है, तो अमेरिका विचार करने को तैयार है।

“मैं कहूंगा कि यह डेडलाइन फाइनल है, लेकिन हम लचीले भी रह सकते हैं – यदि कोई देश संपर्क करता है और सार्थक प्रस्ताव रखता है।”

भारत और अमेरिका के बीच क्या बातचीत हुई है?

ट्रंप के इस बयान से ठीक पहले भारत और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधियों के बीच सप्ताहभर की बातचीत वॉशिंगटन में संपन्न हुई। दोनों पक्षों ने कई मुद्दों पर सहमति बनाई है, लेकिन कुछ बिंदु अब भी विवादित हैं।

भारत और अमेरिका 9 जुलाई से पहले किसी समझौते पर पहुंच सकते थे, लेकिन अब डेडलाइन बढ़ाकर 1 अगस्त कर दी गई है, जिससे भारत को थोड़ा और समय मिल गया है।

भारत की चिंताएं – खेती और डेयरी सबसे बड़ा सवाल

भारत ने अब भी कृषि और डेयरी क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के लिए पूरी तरह खोलने से इंकार किया है। खासकर जेनेटिकली मोडिफाइड (GM) फसलों और व्यावसायिक डेयरी उत्पादों को लेकर भारत का रुख साफ है।

एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी के मुताबिक:

“हमारे करोड़ों किसान अमेरिका के बड़े-बड़े डेयरी फॉर्म्स से मुकाबला नहीं कर सकते। हम उनकी आजीविका को दांव पर नहीं लगा सकते।”

इसके अलावा भारत ने अमेरिका से प्रतिशोधात्मक टैरिफ हटाने की भी मांग की है। इसमें दो तरह के शुल्क शामिल हैं:

  • बेसलाइन टैरिफ – 10%

  • देश-विशेष टैरिफ – 16% तक

भारत चाहता है कि इन दोनों को हटाकर व्यापार को संतुलित किया जाए।

भारत का आधिकारिक रुख

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया है कि भारत राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा और किसी भी तरह के डेडलाइन प्रेशर में आकर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि:

“हम अमेरिका के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन यह हमारी शर्तों और हितों के साथ ही होगा।”