डोडा Cloudburst : किश्तवाड़-धराली जैसी त/बा/ही

जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर लगातार दिख रहा है. किश्तवाड़ और कठुआ के बाद अब डोडा में बादल फटा है. एक ओर जहां डोडा में बादल फटने से तबाही के संकेत हैं, दूसरी ओर कटरा-संगर रेलवे स्टेशन पर लैंडस्लाइड से रेल सेवा ठप हो गई है. जम्मू-कश्मीर के भदरवाह में ऐतिहासिक शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर बाढ़ की चपेट में आने के बाद मंदिर के पुजारी बाकी सदस्यों को सुरक्षित जगह भेजा गया. वहीं, प्रशासन ने भारी बारिश की वजह से माता वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है, जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हुई है. वही वैष्णव देवी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा और ई-कार सेवा बंद कर दिया गया है. आपको बतादें डोडा में बादल फटने के बाद कई घर पानी में बह चुके हैं और कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. डोडा जिले के थाथरी में बादल फटने से 10 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो गए और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. भूस्खलन और मलबा जमा होने से हालात गंभीर बने हुए हैं. राहत-बचाव टीमें मौके पर हैं, जबकि प्रशासन ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. लगातार हो रही भारी बारिश के चलते क्षेत्र में भूस्खलन, मिट्टी धंसने और पत्थर गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिसके कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं. साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों पर मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. वही स्थिती को देखते हुए प्रशासन ने शाम तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मलबे के वजह से राहत कार्य में भी बाधा आ सकती है. बादल फटने की घटना के बाद इलाके में सैलाब दिख रहा है जिससे रास्ते में आने वाले पेड़ और मकानों को भारी नुकसान हुआ है.  स्थानीय लोगों के जीवनभर की कमाई प्रकृति के प्रकोप की भेंट चढ़ चुकी है. जिले के ऊपरी इलाके में तबाह हुए मकानों से स्थानीय लोग अपना कीमती सामान निकालकर किसी सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हैं. रिपोर्ट न्यूज पीडिया 24