हरियाणा में डॉक्टर्स की हड़ताल खत्म: आयुष्मान इंसेंटिव देने पर बनी सहमति

हरियाणा के हड़ताली डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच वीरवार रात सहमति बन गई। इसके बाद हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के डॉक्टर देर रात काम पर लौट आए। हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो चुकी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की एश्योर्ड करियर प्रमोशन में संशोधन की मांग पर अब हरियाणा सरकार ने बीच का रास्ता निकाल लिया है। डॉक्टरों ने हरियाणा सरकार के सामने 4 मांगे रखी थीं, जिन्हें सरकार ने मान लिया है। अब डॉक्टरों को आयुष्मान इंसेंटिव मिलेगा, जिसके लिए जल्द ही कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में सरकारी अधिकारियों के साथ संगठन का एक पदाधिकारी भी मौजूद रहेगा। डॉक्टरों को इसे लेकर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिला है।

राज्य सरकार और एसोसिएशन के बीच बैठक चली

स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में गुरुवार देर रात राज्य सरकार और एसोसिएशन के बीच दो दौर में करीब पांच घंटे बैठक चली, बैठक के दौरान एसोसिएशन ने जिला अस्पतालों में नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा उठाया।

जिसमें सरकार ने चार मुद्दों पर सहमति जताई है। यानी सरकार की ओर से डॉक्टरों की चारों मांगें मान ली गई हैं, जिसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।  बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से डॉ. राजेश ख्यालिया व डॉ. अनिल यादव मौजूद रहे।

SMO की सीधी भर्ती पर रोक

बैठक में डॉक्टरों ने चार मुद्दों पर सरकार के सामने अपना पक्ष रखा था। सबसे पहले SMO की सीधी भर्ती रोकने की मांग की गई थी, जिस पर सरकार राज़ी हो गई थी। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री की ओर से दी गई थी। बतादें सरकार ने SMO की सीधी भर्ती पर रोक लगा दी थी। यह निर्णय 5 दिसंबर को हुई बैठक में लिया गया था। अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद इसे लागू करने की बात कही गई। इसके अलावा आयुष्मान प्रोत्साहन योजना शुरू करने की बात कही गई है।

बैठक के दौरान डॉक्टरों ने अपनी सभी मांगें एक बार फिर से उठाई। इस पर सरकार ने कहा कि एसीपी पर सहमति नहीं बन सकती मगर इसके एवज में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले डॉक्टरों को इन्सेंटिव दिया जाएगा। डॉक्टर इस पर राजी हो गए और लिखित आश्वासन की मांग की।