हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की दूसरे दिन हड़ताल जारी है. डायरेक्ट सीएमओ भर्ती सहित विभिन्न मांगों पर समाधान न होने के चलते डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को भी डॉक्टरों की हड़ताल देखने को मिली। डॉक्टरों का कहना है कि यदि आज उनकी मांगों की सुनवाई नहीं हुई तो, अनिश्चितकालिन हड़ताल पर जाएंगें. इसके चलते राज्य के कुछ क्षेत्रों में बीएनएस की धारा 163 (पहले धारा 144) भी लागू कि है.
इस हड़ताल का खामियाजा आम जंता को भुकताना पड़ रहा है. लोग अस्पतालों के बाहर लाइने लगाकर खड़े है. बतादें हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल का मंगलवार को दूसरा दिन है. प्रदेशभर में 3 हजार के करीब डॉक्टर सोमवार को ड्यूटी पर नहीं गए. सरकार ने डॉक्टरों को शो कॉज नोटिस भी जारी किए हैं. उधर, कुरुक्षेत्र में सोमवार को 23 डॉक्टर छुट्टी पर थे और आज 18 डॉक्टर छुट्टी पर हैं. वही, ओपीडी भी 2000 मरीजों से घटकर 977 रह गई है।
CM नायब सिंह सैनी ने कहा
इस हड़ताल पर हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा कि “डॉक्टरों से बातचीत की जा रही है. हमने डॉक्टर्स की काफी बातें मानी है. डॉक्टरों की मांगों पर बातचीत जारी है. जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा.”
कई जिलों में सेवाएं सामान्य
हालांकि कई जिलों में सेवाएं सामान्य भी दिखाई दीं, जिनमें यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और कैथल शामिल है।हिसार में भी सेवाएं सामान्य नजर आईं। हिसार में डीसी ने निरीक्षण किया और उसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बताया गया। हिसार में वैकल्पिक स्टाफ, मेडिकल स्टाफ और पीजी स्टूडेंट्स द्वारा ओपीडी व इमरजेंसी सुविधा चलाई जा रही है। इससे पहले सोमवार को हुई हड़ताल में मरीजों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। हड़ताल के बीच कई मरीज अस्पतालों में परेशान होते दिखे,
SMO संगठन ने फिर से चेता/वनी दी
वहीं दूसरी ओर SMO संगठन द्वारा फिर से चेतावनी दी गई है कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। बता दें, डॉक्टर तीन प्रमुख मांगों के लिए हड़ताल कर रहे हैं। पहली मांग है CMO की सीधी भर्ती पर रोक लगाने की। डॉक्टर CMO की सीधी भर्ती का विरोध कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि विभाग से होने वाला प्रमोशन मिलना चाहिए। दूसरी मांग है कि केंद्र के समान प्रमोशन दिया जाए। दरअसल मेडिकल एसोसिएशन और सरकार के बीच कैरियर प्रमोशन पर पेंच फंसा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें केंद्र के समान 4 ACP, 4, 9, 13 और 20 साल की सेवा के बाद — प्रदान की जानी चाहिए। तीसरी और अंतिम मांग है कि ग्रेड पे बढ़ाया जाना चाहिए।
Top Tags