DGCA की कड़ी कार्रवाई, उड़ानों में 5% कटौती का लिया फैसला

2 दिसंबर से शुरू हुए बड़े पैमाने पर  इंडिगो के  फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद यात्रियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. इसी बीच सिविल एविएशन मंत्रालय की हाई लेवल मीटिंग के दौरान एयरलाइन की 5% फ्लाइट्स में कटौती का निर्देश जारी किया गया। डीजीसीए ने नोटिस जारी कर कहा है इंडिगो ने अपने शेड्यूल को अच्छे से चलाने की काबिलियत नहीं दिखाई है.

बतादें देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी इंडीगो हर दिन करीब 2,200 उड़ाने चलाती है अब यह कटौती हाई-डिमांड, हाई-फ्रीक्वेंसी रूट पर फ्लाइट में गई है। इसका असर इंडिगो की रोजाना ऑपरेट होने वाली फ्लाइट्स पर पड़ेगा। यानी लगभग 110 फ्लाइट्स घट जाएंगी। इसके अलावा इंडिगो को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक अपना नया शेड्यूल जमा करना होगा। इधर केंद्र ने मौजूदा हालात की जांच के लिए 10 बडे एयरपोर्ट पर सीनियर अफसरों को तैनात किया है। ये लोग पता लगाएंगे कि यात्रियों को कौन-कौन सी परेशानी आ रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए निर्देश

मंत्रालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एयरपोर्ट्स पर जाकर एयरलाइन के संचालन और यात्रियों से जुड़ी सेवाओं की जांच करें. यात्रियों से बातचीत सहित कहीं भी कोई कमी पाई जाती है तो उसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं. ये अफसर डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और जॉइंट सेक्रेटरी लेवल के हैं। 10 बड़े एयरपोर्ट में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।

वहीं, इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी है। सुबह10.30 बजे तक बेंगलुरु और हैदराबाद से 180+ फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। आज आठवें दिन यह संकट जारी है. हालांकि एयरलाइन धीरे-धीरे अपने शेड्यूल को स्थिर करने की कोशिश कर रही है. वहीं, इंडिगो संकट को देखते हुए अब सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है.

इंडिगो का बचाव और DGCA की जांच

वहीं DGCA के नोटिस के जवाब में इंडिगो ने कहा कि रुकावट कई कारणों के एक साथ आने से हुई. इनमें टेक्निकल दिक्कतें, मौसम, भीड़भाड़, विंटर शेड्यूल बदलाव और नए FDTL नियम शामिल हैं. एयरलाइन ने कहा कि इतने कम समय में पूरी रिपोर्ट देना संभव नहीं था और उन्होंने DGCA से समय भी मांगा है. उधर, DGCA ने चार सदस्यों की एक टीम गठित की है, जो इंडिगो के मैनपावर प्लान, रोस्टरिंग और नए नियमों की तैयारी की जांच करेगी.