घूमने फिरने के शौकीनों और यात्रियों के लिए खुशखबरी है! दिल्ली-देहरादून का सफर हमेशा ही रोमाचक रहा है चारो तरफ हरीभरी हरियाली सफर के दौरान दिखने वाले पहाड भले ही आंखों को सुकून देती हो लेकिन ट्रैफिक जाम, टूटी सड़कें और बार-बार रुकने वाली बसें इस सफर को थकने वाला बनाती हैं.लेकिन अब यह पूरी तरह से बदलने वाला है क्योकि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है.
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार, यह कॉरिडोर लगभग तैयार है. मेरठ बागपत नेशनल हाईवे 334B पर 8 किलोमीटर पर इंटरचेंज पर कुछ छोटा-मोटा काम बाकी है, जो अगले 10 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है. इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली से देहरादूर पहुंचने में मात्र ढाई घंटे लगेंगे. फरवरी के पहले हफ्ते के बाद किसी भी दिन आम लोगों के लिए इसे खोला जा सकता है. यह सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नया आकार देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर बदलाव है.
इस कॉरिडोर की शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम से होती है, करीब 13,000 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में सरकार ने स्थानीय किसानों, की मांगों के अनुसार कई बदलाव किए हैं. NHAI के अनुसार, इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चारों चरणों का औसत काम 99 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है. बाकी बचे छोटे-मोटे काम अगले 10 दिनों में पूरे कर लिए जाएंगे. जैसे ही यह सड़क पूरी तरह खुलती है, दिल्ली से देहरादून का सफर कार से तीन घंटे से भी कम समय में तय किया जा सकेगा.
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