Delhi blast: अल-फलाह कैंपस में 6 एजेंसियों का कमांड सेंटर

दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी डॉक्टरों की ‘पनाहगार’ रही फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकं/जा कस गया है। ED का दावा है यूनिवर्सिटी से 10 लोग अभी भी लापता है ,ED ने बुधवार को यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद को साकेत कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद जवाद को 13 दिन की रिमांड पर ED को सौंप दिया। ईडी ने कोर्ट में कहा कि अल फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी विदेश भागने की फिराक में था। ED ने अधिकारी साल 2003 में उसके पाकिस्तान यात्रा की भी जांच कर रहें है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मोहम्मद परवेज भी पाकिस्तान गए थे। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों वहां किस काम से गए थे।

जांच एजेंसी ने सिद्दीकी द्वारा नियंत्रित कम से कम 9 फर्जी संस्थाओं की पहचान की, जिनकी कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं है। ED के मुताबिक सिद्दीकी का परिवार खाड़ी देशों में बसा है। वह भी विदेश भागने की तैयारी में था। अगर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता तो वो विदेश भागकर जांच से बच सकता था। सबूत मिटा सकता था। ED ने कोर्ट को बताया कि 1990 के दशक के बाद अल-फलाह ग्रुप ने तेजी से तरक्की की और एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान बन गया। हालांकि, ग्रुप की वित्तीय स्थिति और उसकी संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर है। इधर, जवाद के महू में बने मकान को अ/वैध घोषित कर दिया गया है।

दूसरी तरफ, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने या पढ़ाई करने वाले 10 लोग लापता हैं। इनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 3 कश्मीरी हैं। उनके फोन बंद आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस इन्हें खोजने में जुटी है।

यूनिवर्सिटी कैंपस में 6 एजेंसियों ने बनाया कमांड सेंटर

लाल किला कार ब्ला/स्ट केस में मुख्य आरोपियों के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से कनेक्शन मिलने के बाद कैंपस जांच केंद्र में बदल गया है। फिलहाल यहां 6 एजेंसियों ने अपने टेम्परेरी कमांड सेंटर बना रखे हैं। इनमें NIA, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, उत्तर प्रदेश ATS, जम्मू-कश्मीर पुलिस, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें मौजूद हैं। दूसरी तरफ जवाद अहमद सिद्दीकी के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि उनके क्लाइंट को झूठे केस में फंसाया जा रहा है. दिल्ली पुलिस की दोनों FIR मनगढ़ंत और तथ्यहीन है।

सं/दिग्ध कार मिली कानपुर में

दिल्ली ब्ला/स्ट मामले की जांच कर रही NIA ने उत्तर प्रदेश के कानपुर के हितकारी नगर से हरियाणा में पंजीकृत एक सं/दिग्ध कार बरामद की है। वहीं NIA अधिकारी कार के मालिकाना हक की जांच कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार डा. शाहीन सईद विस्फो/ट से लगभग 25 दिन पहले कानपुर गई थी। पूछताछ में डा. शाहीन और उसके सहयोगी मुजम्मिल ने कथित रूप से फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला से ब/म बनाने के लिए रसायन चुराने की बात स्वीकार की।