राफेल डील को रक्षामंत्री राजनाथ कमेटी की हरी झंडी, IAF होगी और मजबूत

गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में DAC ने 114 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद को हरी झंडी दे दी है. यह खरीद भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को और भी मजबूत करेगा. भारत और फ्रांस के बीच इस राफेल सौदे की कुल लागत करीब ₹3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है। डील अगर पूरी होती है तो  भारतीय वायुसेना के पास राफेल विमानों की कुल संख्या 176 हो जाएगी, जिससे वायुसेना की ताकत और रणनीतिक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

CCS से अंतिम मंजूरी बाकी है. PM मोदी की अगुवाई वाली कमिटी अंतिम फैसला लेगी । सूत्रों के मुताबिक, इस डील की सबसे अहम बात यह है कि राफेल विमानों का अधिकतर निर्माण भारत में किया जाएगा। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 30 फीसदी स्वदेशी कंटेंट शामिल होगा।

इस समय भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमानों की भारी कमी से जूझ रही है। 42 स्क्वाड्रन की तुलना में अभी केवल 29 स्क्वाड्रन ही संचालित हैं। इन 114 नए विमानों में 88 सिंगल-सीट और 26 ट्विन-सीट वेरिएंट शामिल होंगे, जो पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर बढ़ते खतरों के बीच वायुसेना की स्थिति को बेहद मजबूत बना देंगे।

यह घोषणा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इस महीने होने वाली भारत यात्रा से ठीक पहले हुई है। मैक्रों 15-17 फरवरी को दिल्ली में AI समिट में हिस्सा लेंगे, जहां रक्षा सहयोग पर चर्चा हो सकती है.