देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में गंदे पानी से मौ/त की घटनाओं को देखते हुए अब दिल्ली सरकार और दिल्ली जल पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं.
दिल्ली के लाखों लोगों को साफ पानी सुनिश्चित करने के लिए CEN(W) द्वारा सभी डिवीजनों को बेहद सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. बोर्ड ने अब पेयजल दूषण पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है
बतादें इंदौर के बाद अब राजधानी दिल्ली में पानी पीने की हालत अब गंभीर रूप ले रही है। इंदौर में पानी गंदा मिलने के बाद अब राजधानी दिल्ली में भी पानी को लेकर बड़ा संकट दिखाई दे रहा है।
दिल्ली के प्रेम नगर, नबी करीम, पटेल नगर और सदर बाज़ार जैसे इलाकों में पानी की स्थिति बेहद खराब है।
लोगो ने बताया पुरानी और जर्जर पाइपलाइनें सीवेज के रिसाव के कारण पीने के पानी में मिल रही हैं। बदबूदार और दूषित पानी ने लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित कर दी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई पाइपलाइनें 48-50 साल पुरानी हैं। जगह-जगह रिसाव होने के कारण सीवेज का पानी सीधे पीने के पानी में मिल रहा है।
संकरी गलियों वाले इलाके, जैसे प्रेम नगर, सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इस रिसाव के कारण पानी पूरी तरह दूषित हो गया है और कोई विक्लप ना होने के कारण स्थानीय लोग इसे पीने के लिए मजबूर हैं। पेट की बीमारियाँ, दस्त, उल्टी और बुखार जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
RO प्यूरीफायर भी बार-बार खराब हो रहे हैं क्योंकि पानी बहुत गंदा है। बतादें दिल्ली के लगभग 40% इलाके अभी भी दूषित पानी पी रहे हैं। स्थानीय लोग अब तुरंत पाइपलाइन बदलने और जिम्मेदारों से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली जल बोर्ड ने त्वरित व्यवस्था तैयार की
पानी की समस्तया को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने शिकायतों के समाधान के लिए एक पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था तैयार की है.
अब 1916 हेल्पलाइन, उपराज्यपाल लिसनिंग पोस्ट, CPGRAM और यहां तक कि सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.
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