उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन पहली बार शनिवार सुबह सकिर्ट हाउस में जनता दर्शन किये, मुख्यमंत्री योगी ने सुबह आठ बजे आयोजित इस कार्यक्रम में आम जनता से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर 101 लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं इसके साथ ही मुख्यमंत्री के पास समय की कमी के कारण जिन लोगों से मुलाकात नहीं हो पाई, उनके प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। सीएम योगी ने पूर्वांचल के पहले जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याओं को मन से सुना और निस्तारण का दिशा निर्देश भी दिया। आपको बतादें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर और लखनऊ से बाहर काशी में जनता दर्शन किये हैं, मुख्यमंत्री आमतौर पर गोरखपुर में जनता दर्शन करते हैं। राज्यभर से लोग इस जनता दर्शन में शामिल होने अपनी समस्याएं लेकर जाते हैं।
सीएम ने दिए जन-समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां सर्किट हॉउस में आयोजित “जनता दर्शन” में लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ जन-समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे थे। योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शनिवार को पहली बार वाराणसी में जन सुनवाई में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने जनता से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
अधिकारियों को निस्तारण के लिए सौंप दिया पत्र
इस दौरान जिन लोगों से मुख्यमंत्री भेंट नहीं कर पाए, उनका प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के लिए सौंप दिया। इस दौरान अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की शिक्षिकाओं ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। शिक्षिकाओं ने बताया कि पांच जून को बिना किसी पूर्व सूचना के 15 कर्मचारियों और 16 शिक्षकों को नौकरी से हटा दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कई बार जनप्रतिनिधियों से संपकर् किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज मुख्यमंत्री जी ने हमारी बात सुनी और जांच के आदेश दिए हैं।” जनता दर्शन के बाद, मुख्यमंत्री ने गाजीपुर की ओर प्रस्थान किया, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इसके बाद, मुख्यमंत्री लखनऊ लौट गए।, रिपोर्ट न्यूज पीडिया 24