चंडीगढ़, 23 जुलाई: दिल्ली सरकार ने खेलों को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बेहद अहम और क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हाल ही में हुई केबिनेट बैठक में एक बड़े फैसले पर मुहर लगी है, जिससे न केवल देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान मिलेगा, बल्कि युवाओं को भी खेलों की ओर प्रेरणा मिलेगी।
अब खिलाड़ियों का मेहनत से भरा सफर होगा सम्मानित
इस फैसले के तहत ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को न केवल पहले से कहीं अधिक पुरस्कार राशि दी जाएगी, बल्कि उन्हें स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। यह निर्णय देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक मजबूती, सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य की सुरक्षा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
पहले से दुगुना हुआ इनाम, अब मिलेगा करोड़ों में पुरस्कार
नई योजना के अनुसार:
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स्वर्ण पदक विजेता (Gold Medalist) को अब 7 करोड़ रुपये की इनामी राशि दी जाएगी।
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रजत पदक विजेता (Silver Medalist) को 5 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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कांस्य पदक विजेता (Bronze Medalist) को 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
यह बढ़ोतरी पिछली नीति से काफी अधिक है। पहले गोल्ड मेडल के लिए 3 करोड़, सिल्वर के लिए 2 करोड़ और ब्रॉन्ज के लिए 1 करोड़ रुपये दिए जाते थे। यानी अब खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों का दोगुना से अधिक इनाम मिलेगा, जो उनकी मेहनत, संघर्ष और देशभक्ति को सही मायनों में सलाम है।
खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका
दिल्ली सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि इन विजेताओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
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गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को ग्रुप-ए श्रेणी की प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी मिलेगी।
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ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों को ग्रुप-बी श्रेणी की नौकरी दी जाएगी।
यह निर्णय खेल जगत में एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। इससे खिलाड़ी अपने भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त होंगे और नई पीढ़ी को भी खेलों में करियर बनाने की दिशा में नया आत्मविश्वास मिलेगा।
खेल मंत्री का बयान: मजबूत हो रहा है दिल्ली का खेल इंफ्रास्ट्रक्चर
खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में खेल संस्कृति को सशक्त बनाना है। यह कदम खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा और एक सकारात्मक संदेश देगा कि मेहनत करने वालों को सरकार की तरफ से पूरा समर्थन मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से मजबूत किया जाए, तो वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। यही नहीं, यह पहल युवाओं को भी खेलों में करियर चुनने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
भारत का ओलंपिक इतिहास: गर्व और उम्मीद की कहानी
भारत ने ओलंपिक खेलों में अब तक कई ऐतिहासिक पल देखे हैं।
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भारत ने 1900 में पहली बार ओलंपिक में भाग लिया था, जिसमें दो रजत पदक मिले थे।
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अब तक भारत ने 25 ओलंपिक खेलों में भाग लेकर कुल 41 पदक जीते हैं।
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टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 7 पदक अपने नाम किए। इसमें नीरज चोपड़ा का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भी शामिल है।
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हाल ही में हुए पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने 6 पदक हासिल किए, जिनमें 1 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं।
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